दो दिन बीतने के बाद भी पुनवासी की वापसी नहीं हो सकी। प्रशासन का कहना है कि परिवार वाले उसे नहीं रखना चाहते हैं, इसलिए उसे लेने कोई नहीं जा रहा है। वहीं, पुनवासी की बहन किरण का कहना है कि वह अपने भाई का इंतजार कर रही है। बताया गया था कि उसके भाई को घर पर पहुंचाया जाएगा, पर अब प्रशासन स्वयं जाकर लाने की बात कह रहा है। अमृतसर जाने के लिए पैसे नहीं हैं। इंतजाम किया जा रहा है।