वाराणसी में मंगलवार को व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
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वाराणसी पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि जौनपुर और वाराणसी की संयुक्त पुलिस टीम की मदद से घटना का खुलासा हुआ है। बुधवार सुबह आईजी सत्य नारायण ने घटना स्थल का दौरा किया। पुलिस ने बताया कि पहड़िया स्थित लॉन में ही रविवार रात मुर्गा और शराब की पार्टी थी।
वहां बृजेश ने मुर्गा खाया और शराब का सेवन किया। इसके बाद स्कूटी से घर आया। फिर अपनी कार लेकर वह चौबेपुर के चुनमुनपुर में मनीष की बहन के ससुराल पहुंच गया। उसने फोन कर मनीष की बहन को गांव के बाहर बुलाया। बहन के साथ उसका पति नितिन बृजेश के पास पहुंचा। तब नशे में धुत बृजेश ने नितिन से कहा कि वह घर जाकर सो जाए। उसकी पत्नी को लेकर वह जा रहा है।
इस पर उसने मनीष को फोन कर दिया। बताया कि तुम्हारा मालिक यहां आकर हंगामा कर रहा है। उधर मनीष को अवैध संबंध का पहले से पता था लेकिन लॉन मालिक होने और उसके दबंग होने के कारण वह कुछ नहीं कह पाता था। रविवार रात बहन से सूचना मिलने पर वो अपने दोस्त दीपू चौहान के साथ चुनमुनपुर पहुंचा।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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बात-बात में ही बृजेश को समझाने लगा। कहा कि यहां बहन का ससुराल है, इसलिए लोग जुट जाएंगे। कार में चलकर बात करने को कहा। इसके बाद जब बृजेश कार में बैठा तो उसके सिर पर मनीष ने रॉड से वार कर दिया। फिर ईंट और पत्थर से वार कर जान ले ली।
34 मिनट में ही शव को लगाया ठिकाने
बहन और उसके पति को चुनमुनपुर गांव में छोड़कर मनीष कार लेकर देर रात केराकत कोतवाली क्षेत्र के थानागद्दी चौकी अंतर्गत सोहनी गांव पहुंचा। पहचान छिपाने के शव जलाने का भी प्रयास किया। सफल नहीं होने पर शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया और कार में आग लगा दी।
जौनपुर पुलिस के अनुसार कार जौनपुर की सीमा में सोमवार की रात 12.10 बजे आई थी और 12.44 बजे वापस चली गई, यानी 34 मिनट में गाड़ी से शव को ठिकाने लगाने के बाद आरोपी वापस वाराणसी की सीमा में चले गए थे।