फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करंट से युवक की मौत: चौकी पर जुटीं महिलाएं, बच्चे और पुरुष, जमकर हंगामा; 20 लाख रुपये व एक बिस्वा जमीन की मांग

Wed, 07 Oct 2026 06:44 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।

सार

करंट की चपेट में आने से सूजाबाद निवासी युवक की मौत के बाद बुधवार को परिजन और ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। महिलाएं, बच्चे और पुरुष सूजाबाद पुलिस चौकी पहुंचे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक बिस्वा जमीन देने की मांग की। पुलिस ने समझाकर धरना समाप्त कराया।
विज्ञापन
सूजाबाद चाैकी के पास हंगामा करते लोग। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करंट की चपेट में आने से मंगलवार सुबह सूजाबाद निवासी विष्णु साहनी (35) की मौत के बाद बुधवार को मुआवजे की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब दो बजे महिलाएं, बच्चे और पुरुष सुजाबाद पुलिस चौकी पहुंचे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक बिस्वा जमीन देने की मांग की।

विज्ञापन




ग्रामीणों के अनुसार विष्णु साहनी परिवार का भरण-पोषण करने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक के परिवार में दो छोटी बच्चियां हैं। ग्रामीणों ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है और कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ऐसे में प्रशासन को पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पहुंचकर मुआवजे की मांग उठाई। उनका कहना था कि मृतक के परिवार को ऐसी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए, जिससे दोनों बच्चियों के पालन-पोषण और पढ़ाई का खर्च उठाया जा सके। साथ ही परिवार को आवासीय जरूरतों के लिए एक बिस्वा जमीन देने की मांग भी की गई।

Trending Videos
विज्ञापन

परिजनों में मचा कोहराम

दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर धरना समाप्त कराया। इसके बाद ग्रामीण चौकी से अपने घर लौट गए। इसी बीच पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद विष्णु साहनी का शव घर पहुंचा। शव पहुंचने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने उसे घर के बाहर रखकर दोबारा धरना शुरू कर दिया।

शाम तक ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। करीब छह बजे तक मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनकी मांग बनी रहेगी।

धरने की सूचना मिलने पर रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने धरना समाप्त कराने के लिए लोगों को आश्वासन देने की कोशिश की। ग्रामीणों ने कहा कि परिवार की स्थिति को देखते हुए सहायता में देरी नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि तत्काल आर्थिक मदद मिलने से दोनों बच्चियों के पालन-पोषण में परिवार को कुछ राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें