दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर धरना समाप्त कराया। इसके बाद ग्रामीण चौकी से अपने घर लौट गए। इसी बीच पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद विष्णु साहनी का शव घर पहुंचा। शव पहुंचने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने उसे घर के बाहर रखकर दोबारा धरना शुरू कर दिया।
शाम तक ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। करीब छह बजे तक मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनकी मांग बनी रहेगी।
धरने की सूचना मिलने पर रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने धरना समाप्त कराने के लिए लोगों को आश्वासन देने की कोशिश की। ग्रामीणों ने कहा कि परिवार की स्थिति को देखते हुए सहायता में देरी नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि तत्काल आर्थिक मदद मिलने से दोनों बच्चियों के पालन-पोषण में परिवार को कुछ राहत मिल सकेगी।