साहिल अपनी मां प्रेरणा को काशी में मंदिरों के दर्शन पूजन कराने के लिए लेकर आया था। काशी विश्वनाथ, दुर्गा मंदिर, संकट मोचन सहित कई मंदिरों में दर्शन किया। मंदिर बंद होने के कारण बाहर से ही हाथ जोड़कर दर्शन किया। इसके बाद भेलूपुर पहुंच कर होटल में गौरव वर्मा के नाम से एंट्री की। होटल पहुंचने के बाद वह दूसरे दिन बरेली जाने की बात कर रहा था। कमरा लेने के बाद वह बाहर निकाला और चाय पी। इसके बाद वापस होटल पहुंचने पर कमरे में रखी कुर्सी को बेड पर रखकर फंदे पर झूल गया।
ये है पूरा मामला
दिल्ली के पहाड़गंज स्थित मुल्तानी दंगा निवासी साहिल मलिक (25) की करोलबाग में आभूषण की दुकान है। वह अपनी मां प्रेरणा मलिक के साथ सोमवार को काशी के लिए निकला। मंगलवार की रात एक बजे भेलूपुर स्थित एक होटल में पहुंचा। उसने होटल में गौरव वर्मा निवासी करोल बाग के नाम से कमरा नंबर 204 बुक कराया था।
रात में अपनी मां को खाने में या किसी तरह नींद की दवा दे दी। मां के सो जाने के बाद किसी समय रात में उनके दुपट्टे के सहारे पंखे की कुंडी में फंदे से लटक गया। उसी बेड पर मां सो रही थी। सुबह 6 बजे प्रेरणा मलिक की नींद खुली तो बेटे को फंदे से लटका देख चीख पड़ीं। किसी तरह नीचे रिसेप्शन पर पहुंची और वहीं बेसुध हो गई। कर्मियों ने देखा कि युवक फंदे पर लटका हुआ था।
होटल प्रबंधक की सूचना पर भेलूपुर प्रभारी निरीक्षक विजय शुक्ला पहुंचे और छानबीन की। इस बीच पुलिस ने करोलबाग पुलिस से संपर्क किया। इस बीच मालूम चला कि साहिल की करोल बाग में आभूषण की दुकान है। कई लोगों से करोड़ों रुपये कर्ज लिया है। कर्जदारों ने साहिल के खिलाफ थाने पर शिकायत भी दर्ज कराई है। कर्जदारों से परेशान होकर वह अपनी मां को चोरी छिपे लेकर दिल्ली से काशी पहुंचा। पिता हंस दत्त की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। एक 14 साल का भाई है, जो दिल्ली में ही अपने एक रिश्तेदार के यहां रहता है।