Rocket Learning: नौनिहालों के मानसिक, भाषाई, सामाजिक और भावनात्मक विकास की मजबूत नींव तैयार करने को उन्हें रॉकेट लर्निंग से जोड़ा गया है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए साल भर का एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। वाराणसी की लगभग 3700 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और करीब 1.20 लाख बच्चे इस अभियान से जुड़े हैं।
हर महीने पैरेंट आंगनवाड़ी मीटिंग भी रखी जा रही है। इसमें बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल तेजी से आकार ले रही है।
इसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में स्कूल के प्रति रुचि विकसित करना और भविष्य में ड्रॉपआउट की समस्या को कम करना है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा विकसित पहल पुस्तक के माध्यम से पूरे साल के लिए 10 विषयों पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि स्वयंसेवी संस्था प्रतिदिन की गतिविधियों के वीडियो को व्हाट्सएप के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजती हैं। तकनीक आधारित सपोर्ट मॉडल के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे बच्चों के लिए रोचक और खेल-आधारित शिक्षण गतिविधियां संचालित कर सकें। हर शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सैटरडे टेस्ट लेकर उनकी समझ और सहभागिता का आकलन किया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाता है।