खनन, मद्य निषेध और आबकारी राज्यमंत्री अर्चना पांडेय
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सूबे में अवैध खनन रोकने के लिए अलग फोर्स का गठन किया जाएगा। सरकार इस पर विचार कर रही है। फोर्स का स्वरूप जल्द ही तय किया जाएगा। इसके साथ ही खनन विभाग में कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
यह बातें प्रदेश की भूतत्व एवं खनिकर्म, आबकारी तथा मद्य निषेध विभाग की राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने कहीं।
रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में सोनभद्र और मिर्जापुर में पूर्व की सरकार में अवैध खनन होते रहे हैं।
वह सोनभद्र की प्रभारी मंत्री भी हैं। अब प्रयास किया जाएगा कि अवैध खनन न हो। अवैध खनन करने वालों और इसमें शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मंदिरों और स्कूलों के पास शराब की दूकानों को लेकर विरोध प्रदर्शन को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया। कुछ स्थानों की शिकायतें तो सही हैं लेकिन ज्यादातर स्थानों पर विरोध को हवा देने वाले अन्य दलों के लोग है।
कहा, दरअसल महिलाओं का विरोध जहरीली शराब को लेकर है। सरकार भी चाहती है कि जहरीली शराब न बिके। वैध दूकानों को जबरन बंद कराना गलत है। इस समय जितनी भी शराब की दूकानें चल रही हैं, वह सपा सरकार में आवंटित की गई है। मौजूदा सरकार 2018 में ही आबकारी नीति में कोई बदलाव कर सकती है।
कहा, अदालत के आदेश के तहत हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दूकानों और बार को बंद करा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार जल्द ही अपना पक्ष रखेगी।