वाराणसी में सांसद निधि के 47 और विधायक निधि के 86 कार्य समय से पूरे नहीं करने पर शासन ने शुक्रवार को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के आठ अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया है।
साथ ही एक ठेेकेदार को प्रदेश स्तर पर काली सूची में डाला गया। इसकी संस्तुति डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने शासन से की थी। निलंबित होने वालों में मनोज मेहरोत्रा, राजेश सिंह, अमरदेव, शैलेश कुमार सिंह, अरुण कुमार राय, राजित यादव, हीरालाल यादव और संतोष कुमार शुक्ल हैं।
विभाग में कुल 11 अवर अभियंता हैं। अब आठ के निलंबन के बाद तीन ही बचे हैं। डीएम के अनुसार बीते दिनों सांसद-विधायक निधि, क्रिटिकल गैप्स योजनाओं की समीक्षा की गई थी।
उस दौरान ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कई काम अधूरे मिले। पता चला कि अधिशासी अभियंता की बात भी मातहत नहीं मान रहे।
इस मामले में शासन से आठ अवर अभियंताओं को निलंबित करने और जौनपुर के ठेकेदार भोलानाथ मौर्य की कंपनी बाबा परमहंस इंटरप्राइजेज अलहटिया को प्रदेश स्तर पर काली सूची में डालने की संस्तुति की गई थी। इसे शासन ने मंजूर कर कार्रवाई की सूचना भेज दी है।