योगी सरकार ने लूट खसोट करने वाले पुलिसकर्मियो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को भी शपथ पत्र देना होगा कि उनके पास कितनी चल-अचल संपत्ति, कैश है। हालांकि कई पुलिस कर्मी शपथ पत्र में पूरी संपति का ब्यौरा नहीं दे रहे है।
पढ़ें: सीएम योगी का आदेश, ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की भी लगे बायोमीट्रिक अटेंडेंस
ऐसे लोगों को पुलिस प्रशासन चिन्हित कर कार्रवाई करेगा। बताते चले कि सूबे में सत्ता परिर्वतन होने के बाद प्रदेश सरकार ने पुलिस कर्मियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों डीजीपी ने समस्त जिले के एसपी को इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक का शपथ पत्र भरवाकर पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सोनभद्र के एसपी लल्लन सिंह ने सभी सीओ को अविलंब अपने-अपने क्षेत्र के थाना, चौकी प्रभारियों, दारोगा, दिवान, कांस्टेबलों से उनके पास कितनी चल, अचल संपति, उनके खाते में कितना कैस आदि है का शपथ पत्र भरकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सभी थानों पर शपथ पत्र भरने वाला फार्म पहुंच भी गया है। दो सौ से अधिक पुलिसकर्मी शपथ पत्र भर कर अपने इंचार्जों को दे भी दिया है। सूत्रों की मानें तो अवैध ढंग से रुपया कमाने वाले कई पुलिस कर्मी शपथ पत्र सहीं ढंग से नहीं भर रहे है।
चल और अचल संपति को छिपा रहे है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सीपी शुक्ला कहना है कि अविलंब एसपी के माध्यम से समस्त अराजपत्रित अधिकारियों का शपथ पत्र डीआईजी मिर्जापुर को भेजा जाएगा।
डीआईजी के यहां से आईजी वाराणसी के यहां शपथ पत्र भेजा जाएगा। यहां से डीजीपी कार्यालय जाएगा। उन्होंने कहा कि झूठा शपथ पत्र भरने वाले पुलिस कर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वह स्वंय जिम्मेदार होंगे।