तकनीक के अभाव में कई परियोजनाएं दशकों अटकी पड़ी हैं। कई ऐसे पुल हैं, जिनकी बारहों माह मरम्मत होती रहती है। अब आने वाले दिनों में पीएम गति शक्ति (नेशनल मास्टर प्लान फॉर मल्टीमॉडल फॉर कनेक्टिविटी) योजना से देश और प्रदेश में आगामी परियोजनाएं पूरी होंगी और इससे समय के साथ पैसे की बचत होगी। ये बातें शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी ने बड़ालालपुर स्थित हस्तकला संकुल में आयोजित दो दिवसीय पीएम गति शक्ति मल्टी मॉडल वाटरवेज समिट के उद्घाटन के दौरान कहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने नदियों के माध्यम से कृषि उत्पादों के निर्यात की चर्चा की और कहा कि पिछले कई दशकों से प्रदेश की तीस नदियों में बाढ़ आने से करोड़ों रुपये खर्च हो जाते थे, लेकिन अब नदियों को डेजिंग कराकर बाढ़ मुक्त किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में वाराणसी और बलिया के बीच 250 किलोमीटर में घाट विकसित किए जा रहे हैं। ये घाट यात्री एवं प्रशासनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, जिनसे नदी पर सामान एवं मुसाफिरों की आवाजाही संभव होगी और समय तथा लागत की बचत होगी। घाटों का परिचालन आरंभ हो जाने से छोटे उद्योगोें को बढ़ावा मिलेगा, क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत में वृद्धि होगी। अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने से विकास एवं परिचालन के मानकीकरण में मदद मिलेगी। इस मौके पर राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर, श्रीपद नायक, बांग्लादेश के जहाजरानी राज्यमंत्री खालिद महमूद चौधरी, प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ तरुण कपूर, बंदरगाह मंत्रालय के सचिव डॉ संजीव रंजन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
पीएम गति शक्ति के तहत की गई मैपिंग एक दूसरे से होंगे कनेक्ट
केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने समिट में कहा कि पीएम गति शक्ति की मैपिंग लेयर एक दूसरे से बात करेंगी। पहले किसी सड़क पुल, रेल मार्ग के निर्माण कार्य में दशकों लग जाते थे, जिसकी लंबी प्रक्रिया में करोड़ रुपये भी खर्च हो जाते थे। लेकिन पीएम गति शक्ति की मदद से दो साल में होने वाले काम को दो दिन में पूरा किए जा सकेंगे। एक उदाहरण देते हुए गोयल ने बताया कि जब किसी हाईवे का निर्माण किया जाएगा तो पीएम गति शक्ति की गई 2200 इंटिग्रेडेट डाटा मैपिंग से हाईवे के निर्माण आने वाली नदी, रेलवे लाइन, स्कूल, एयरपोर्ट सहित कई अहम जानकारी के साथ सुझाव भी मिल जाएगा। इसके आधार पर इंजीनियर निर्माण कार्य की योजना कम समय में तैयार कार्य को कम समय में पूरा कर सकेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर मैन ऑफ इंडिया हैं योगी
टीएफसी में आयोजित समिट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इंफ्रास्ट्रक्चर मैन ऑफ इंडिया की उपाधि दी। उन्होंने कहा, यूपी में जिस तेज स्पीड से काम हो रहा है, वैसा और कहीं नहीं। योगी आदित्यनाथ आज विकास के प्रतीक के रुप में पीएम मोदी के साथ काम कर रहे हैं। सीएम योगी जिस तरह यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर को चार चांद लगा रहे हैं, उसके लिए पूरा देश उनका आभारी है।
यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी तो अर्थव्यवस्था को मजबूती
जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की नीति के तहत कश्मीर से कन्याकुमारी, लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक विकास के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काम हो रहा है। उन्होंने काशी की तारीफ करते हुए कहा कि बनारस की धरती पर आकर जो आत्मिक शांति मिलती है, वो कहीं और नहीं है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन करने मात्र से भरपूर आनंद मिलता है। सोनोवाल ने घोषणा की कि भारत की आध्यात्मिक नगरी को सबसे उन्नत हाइड्रोजन फ्यूल सैल कैटमारन जलयान मिलने जा रहा है।
वाराणसी से कोलकाता के बीच बनेगी 60 जेटी
वाराणसी से लेकर कोलकाता के बीच कुल 60 जेटी बनाए जाने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश में सात जेटी तैयार हुए हैं। वाराणसी के तीन, बलिया में दो और चंदौली, गाजीपुर में एक-एक जेटी शामिल हैं। इनमें वाराणसी के रविदास घाट, रामनगर, कैथी, चंदौली में बलुआ, गाजीपुर में कलेक्टर घाट, बलिया में उजियार घाट बरौली और शिवपुर शामिल हैं।
वाराणसी से हल्दिया तक कार्गों की सुविधा
सम्मेलन में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय ने कहा कि जेएमवीपी परियोजना के तहत वाराणसी से चार राज्यों में हल्दिया तक कार्गो और यात्रियों को ले जाने की योजना बनाई गई है। शिखर सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा से हमें इसके लिए एक योजना और कार्यान्वयन कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। शिखर सम्मेलन में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टरप्लान को डिकोड करने के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर सत्र आयोजित किए गए।
इन मुद्दों पर हुआ विचार-विमर्श
अंतरराज्यीय मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ाने, लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने और नदी क्रूज पर्यटन के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए सम्मेलन में विशेष रूप से चर्चा हुई। शिखर सम्मेलन में असम के लिए इलेक्ट्रिक-बैटरी चालित हाइब्रिड कटमरैन के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के बीच एक समझौता हुआ।