सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को जिले में कृषि संबंधी व्यवस्थाओं का हाल जाना। दरेखू स्थित गेहूं क्रय केंद्र के निरीक्षण के दौरान 50 किलो की बोरियों में डेढ़-डेढ़ किलो ज्यादा गेहूं भरा देख मंत्री नाराज हो गए।
उन्होंने साथ मौजूद अफसरों को चेताया कि किसानों का हक मारने की कोशिश न की जाए। कहा कि भविष्य में ऐसी शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने पीएम के गोद लिए गांव जयापुर में गेहूं क्रय केंद्र खोलने के निर्देश दिए।
गेहू क्रय केंद्रों के अलावा उन्होंने चांदपुर स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, मोहनसराय में एफसीआई गोदाम और पहड़िया मंडी का निरीक्षण किया। दरेखू स्थित गेहूं क्रय केंद्र पहुंचे मंत्री ने किसानों से खरीदे गए गेहूं की पांच बोरियों का वजन कराया।
50 किलो की सभी बोरियों में एक से डेढ़ किलो गेहूं अधिक पाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों को 50 किलो का पैसा दोगे और उनसे गेहूं ले रहे हो 51.50 किलो..। यह खेल नहीं चलेगा। यहां 69 क्विंटल गेहूं की खरीदारी हुई थी।
इसके बाद उन्होंने रोहनिया के मोहनसराय एफसीआई गोदाम और गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां विपणन अधिकारी से पूछताछ की और मौके पर मिले अभिलेख भी देखे। चांदपुर स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में मंत्री ने मिट्टी के नमूनों के बारे में जानकारी ली।
यहां एक मशीन खराब थी जिसे तत्काल दुरुस्त कराने को कहा। फिर वह कृषि विभाग के बीज वितरण गोदाम पर पहुंचे। यहां बीज की उपलब्धता और रख-रखाव की जानकारी ली। गोदाम के एक कमरे में लाइट ट्रैप सिस्टम खराब मिलने पर नाराजगी जताई।
इसे दुरुस्त कराने और फ्लैश बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान विभाग के कर्मचारी अजय सिंह और महेश सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन देकर विभाग के जर्जर भवन की मरम्मत और रिक्त पदों पर भरने की मांग की।
उधर, पहडिया मंडी में निरीक्षण के दौरान साथ मौजूद उत्तरी विधायक रवींद्र जायसवाल ने स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारियों की करतूत दिखाई। मंडी में अव्यवस्था और गंदगी देख शाही ने ऩाराजगी जताई और अफसरों को आड़े हाथों लिया। जिम्मेदारों से कहा कि साफ-सफाई पर ध्यान दें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।