एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद अब वाराणसी मंडल में लंबे समय से जमे परिवहन विभाग के दूसरे अधिकारी भी शासन के रडार पर हैं। वाराणसी मंडल में ऐसे कई अधिकारी हैं, जिनकी तैनाती लंबे समय से एक ही जिले में है।
कई लिपिक भी ऐसे हैं जिनका दस से 15 वर्षों से न स्थानांतरण हुआ न पटल बदला गया। अकेले वाराणसी कार्यालय में ही ऐसे लिपिकों की संख्या आधा दर्जन बताई गई है। लंबे समय से एक ही जगह तैनात अधिकारियों, लिपिकों की शिकायत शासन तक पहुंचने से माना जा रहा है कि जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई सामने आ सकती है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग के वाराणसी कार्यालय में एक आरटीओ, एक आरटीओ प्रवर्तन, एक एआरटीओ प्रशासन, दो एआरटीओ प्रवर्तन के पद स्वीकृत हैं। इन सभी पदों पर अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें दो अधिकारी ऐसे हैं जो लंबे समय से यहां जमे हैं।
एक अधिकारी ऐसे हैं, जिनके नैनीताल में होटल और अन्य कारोबार की शिकायत शासन तक पहुंच गई है। इस सूचना के बाद ही परिवहन कार्यालय का माहौल बदल गया है।
आरटीओ रामफेर द्विवेदी ने मंगलवार को सभी अधिकारियों के साथ बैठक की और बिना सुविधा शुल्क लिए काम करने का निर्देश दिया। लोगों का कहना है कि बुधवार को पूरे दिन बड़े ही सलीके से काम होता रहा।
लोग हैरत में थे कि बिना सुविधा शुल्क लिए इतनी सहजता से काम कैसे हो रहा है। दरअसल, आरटीओ में हर काम रेट बंधा हुआ है। दो रुपये का फार्म भी यहां दस रुपये में दिया जाता है। फाइलों में हस्ताक्षर करने के एवज में अधिकारी हजारों रुपये लेते हैं।