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योगी सरकार की मंजूरी के बाद वाराणसी में बनेगा टेक्सटाइल पार्क, बनारसी साड़ी को मिलेगी देश-दुनिया में पहचान

Sat, 30 May 2020 12:01 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन लगाया है। इससे फैक्ट्रियां और कंपनी बंद होने से कामगारों पर रोजीरोटी का संकट गहरा गया है। जिससे लोग अपने घर वापस आ गए हैं। वहीं सूरत में टेक्सटाइल कंपनी में काम करने वाले भी पूर्वांचल जिलों के लोग अपने शहर वापस लौट आए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब वाराणसी में टेक्सटाइल पार्क बनाने की मंजूरी दे दी है। जिससे अब बनारसी वस्त्रों का विस्तार हो सकेगा और शहर के इन लोगों के लिए रोजगार भी मिलेगा।

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बनारसी वस्त्रों को बढ़ावा देने और प्रवासी कामगारों को रोजगार से जोड़ने को लेकर वाराणसी में टेक्सटाइल पार्क बनाया जाएगा। शुक्रवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान टेक्सटाइल पार्क का प्रस्ताव पास हो गया।


सीएम ने संबंधित विभागों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। वहीं वाराणसी में भूमि की तलाश भी शुरू हो गई है। संभवत: पिंडरा या फिर करसड़ा में टेक्सटाइल पार्क में बनाया जाएगा। पर्यटन मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि बनारसी साड़ी की देश दुनिया में पहचान है।

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अपर मुख्य सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग रमा रमण को पूरे प्रदेश के बुनकरों के हित शामिल करते हुए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने व कार्य तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। लखनऊ में आयोजित बैठक में पर्यटन, दुग्ध एवं पशुपालन, मत्सय, कृषि, एमएसएमई आदि के अधिकारियों ने अलग-अलग प्रस्ताव पर प्रजेंटेशन दी। संस्कृति व पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी ने बनारस में टेक्सटाइल पार्क पर प्रजेंटेशन दिया।

साथ ही सीएम को अवगत कराया कि सूरत से हजारों प्रवासी बुनकर बनारस लौट आए हैं। इनके चले जाने से बनारस के परंपरागत वस्त्र उद्योग की चमक फीकी पड़ गई थी। जबकि सूरत में वस्त्र उद्योग तेजी से आगे बढ़ गया था। इस पर सीएम ने अपर मुख्य सचिव को प्रदेश स्तरीय प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, जिससे बनारस व पूर्वांचल ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश के बुनकरों का भला हो सके।
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