मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सर्किट हाउस में अधिकारियों को प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया और पूरी हो चुकी परियोजनाओं की सूची मांगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वाराणसी आगमन पर उन्हें बदलाव दिखना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है कि शहर में सफाई अभियान चले और कहीं भी कूड़े का एक टुकड़ा भी नहीं हो।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय सम्मेलन के तैयारियों की समीक्षा की और घरों में प्रवासियों को ठहराने के लिए लोगों के रुझान की भी जानकारी ली। प्रशासन की ओर से तैयार कार्ययोजना में कई विभागों को नए सिरे से प्लानिंग करने का निर्देश दिया।
सोनभद्र से बुधवार की देर शाम वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों के साथ बैठक की और विकास कार्यो के प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अगर पांच दिन बाद प्रधानमंत्री वाराणसी आएं तो आप लोग तैयार हैं।
अधिकारियों से सकरात्मक जवाब मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित होने वाली परियोजनाओं की सूची तैयार की जाए। शहर में साफ सफाई अभियान की शुरुआत की जाए और प्रधानमंत्री जब शहर में निकले तो उन्हें बदलाव दिखे। काशी में पालिथीन प्रतिबंधित है तो उसका असर दिखना चाहिए और इस बदलाव का संदेश पूरे देश में जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, शाही नाला सहित गंगा से जुड़ी परियोजनाओं को 15 दिसंबर से पहले पूरा कर लें, इसके बाद गंगा में किसी तरह की गंदगी नहीं जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा की बरसात बंद हो रही है, शहर की सभी सड़कें ठीक करा लें। त्योहारी सीजन और उसके बाद प्रवासी भारतीय सम्मेलन होना है, इन बातों का ध्यान रखते हुए शहर के विकास को आगे बढ़ाया जाए।
लाइटिंग, पेयजल, सीवर, साफ सफाई की व्यवस्था को अभियान चलाकर दुरुस्त किया जाए। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में देश विदेश के लोग आएंगे उन्हें यहां अच्छा अनुभव हो। मुख्यमंत्री ने 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक स्वच्छता सेवा पखवाड़ा को प्रभावी तरह से मनाने का निर्देश दिया।