वाराणसी। नागरिकता अधिकार मंच की ओर से आयोजित नागरिकता अधिकार सम्मेलन में लोगों ने सीएए और एनआरसी के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। बतौर मुख्य वक्ता स्वराज आंदोलन के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि जिस तरह से एनआरसी को लेकर यूपी सरकार लोगों को दिखाने का प्रयास कर रही है, वैसी स्थिति नहीं है। यूपी में जो लोग प्रदर्शन करना चाह रहे हैं, उनकी आवाज को दबाया जा रहा है, यह गलत है।
कचहरी स्थित शास्त्रीघाट पर आयोजित सम्मेलन में योगेंद्र यादव ने कहा कि महिलाएं जब सड़क पर उतरती हैं तो यही असली आवाज होती है। नई दिल्ली के शाहीन बाग ने इसे सिद्ध कर दिया है। अब जो आंदोलन शुरू हुआ है, वह पीछे नहीं हटने वाला है। अन्ना और जेपी आंदोलन की तरह सरकार को इस आंदोलन के आगे भी झुकना होगा। कहा कि जल्द ही पूरे देश में शाहीन बाग जैसे आंदोलन होंगे। पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने कहा कि पहले नोटबंदी और अब सीएए और एनआरसी का फैसला जो सरकार ने लिया है, वह गलत है। नोटबंदी के दौरान भी कई लोगों की जानें गई थीं। इस तरह के निर्णयों के आधार पर सरकार देशवासियों को बेवकूफ बना रही है। कार्यक्रम में भगत सिंह-अंबेडकर विचार मंच, स्वराज इंडिया, बीसीएम, नागरिक प्रयास मंच, इंसाफ मंच, एनएपीएम आदि संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।