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Year Ender: BHU के लिए ढेर सारी उपलब्धियां लाया साल 2023, देश के दूसरे सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय का खिताब मिला

Sat, 30 Dec 2023 10:28 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वर्ष 2023 में शिक्षकों ने नए-नए विषयों पर शोध किए और उसे पेटेंट भी कराया। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों और शिक्षकों के लिए फेलोशिप शुरू करने के साथ ही कई नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं। कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ ही संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों के लिए भी कई नई सुविधाओं की घोषणा की।
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BHU: - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिस्से वर्ष 2023 में ढेर सारी उपलब्धियां आईं। रैंकिंग से लेकर छात्र सुविधाओं में विश्वविद्यालय ने बेहतरीन कार्य किए। विश्वविद्यालय में शिक्षकों और छात्रों के लिए जहां कई नई फेलोशिप की शुरुआत। वहीं, विदेशी छात्रों के दाखिले का ग्राफ भी बढ़ा है। आईआईआरएफ की ओर से जारी सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में बीएचयू देशभर के विश्वविद्यालयों में दूसरे नंबर पर रहा।

वर्ष 2023 में शिक्षकों ने नए-नए विषयों पर शोध किए और उसे पेटेंट भी कराया। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों और शिक्षकों के लिए फेलोशिप शुरू करने के साथ ही कई नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं। कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ ही संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों के लिए भी कई नई सुविधाओं की घोषणा की। इसमें कॉलेज के शिक्षकों को विश्वविद्यालय के विभागों में आकर छात्रों को पढ़ाने की घोषणा महत्वपूर्ण रही। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं और विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रों को अलग-अलग तरीके की फेलोशिप देने की भी घोषणा हुई। वहीं, कुलपति ने मेरिट के आधार पर जरूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति देने का भी ऐलान किया। योग और खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यार्थी कल्याण पहल की भी शुरुआत हुई। इसमें छात्रावासों में अलग-अलग कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।

कॉलेज में अलग परीक्षा, परिसर में अलग दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अलग परीक्षा कराने के साथ ही उनका दीक्षांत समारोह भी अलग से मनाए जाने का भी फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया। परिसर में पहली बार कॉलेज के छात्र-छज्ञत्राओं को पदक और उपाधियां मिलीं। वहीं, छात्राओं को अलग से अपने कैंपस में ही परीक्षा देने की सुविधा दी गई।

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BHU - फोटो : Social Media
मारपीट, छेड़खानी, धरना प्रदर्शन पर नहीं लग पाया अंकुश

बीएचयू परिसर में मारपीट की घटनाओं और छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं भी समय-समय पर होती रहीं। विश्वविद्यालय परिसर को शांत रखने के लाख प्रयासों और दावों के बाद भी आए दिन कुलपति आवास से लेकर केंद्रीय कार्यालय, चीफ प्रॉक्टर ऑफिस, सिंह द्वार पर छात्रों का धरना प्रदर्शन भी चलता रहा। सितंबर में वाणिज्य संकाय के डीन को दिनदहाड़े छात्रों ने पीटा। वहीं, नवंबर में एबीवीपी और आइसा के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट में कई छात्रों के हाथ-पैर टूटे। आईआईटी में सामूहिक दुष्कर्म के साथ ही बीकॉम की छात्रा के साथ चलती बस में छेड़खानी की घटना ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया था।

काशी विद्यापीठ

पहला राज्य विवि जहां दीक्षांत में मुख्य अतिथि रहीं राष्ट्रपति मुर्मू

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि रहीं। काशी विद्यापीठ देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया जिसमें राष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में काशी विद्यापीठ का पहला श्री अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक पत्रकारिता की छात्रा आयुषी तिवारी को प्रदान किया। इस बार के दीक्षांत समारोह में छात्राओं का ही बोलबाला रहा।

संपूर्णानद संस्कृत विश्वविद्यालय

मिले नए कुलपति, शुरू हुआ ऑनलाइन पाठ्यक्रम

संपूर्णानद संस्कृत विश्वविद्यालय में बीच सत्र में कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी के त्यागपत्र देने के कारण नए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई। पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन ने पहल की है। जनवरी से इसकी शुरुआत हो जाएगी। इसके अलावा विवि ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी शुरु किया। इसमें ज्योतिष, कर्मकांड समेत 10 पाठ्यक्रम शामिल हैं।

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डीआरडीओ सेंटर से साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का सपना

आईआईटी बीएचयू को इस साल डीआरडीओ उद्योग अकादमी उत्कृष्टता केंद्र की सौगात मिली। डीआरडीओ चेयरमैन डॉ. समीर कामत ने संस्थान के दीक्षांत समारोह में छह अक्तूबर को इसका उद्घाटन किया। इस केंद्र के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। ये केंद्र रक्षा के लिए आईआईटी बीएचयू नई तकनीक बनाएगा। डीआरडीओ इसका अपने रक्षा सिस्टम में उपयोग करेगा। इससे विदेशों पर आत्मनिर्भरता घटेगी और स्वदेशी उपकरणों को बढ़ावा मिलेगा।
ये भी रही उपलब्धि

शिवाय सुपर कंप्यूटर की बढ़ी मांग: आईआईटी बीएचयू में स्थापित सुपर कंप्यूटर परम शिवाय की मांग बढ़ रही है। 2019 में उद्घाटन के बाद पूरे सप्ताह 24 घंटे काम कर रहा है। देशभर के 23 से ज्यादा संस्थानों को सुपर कंप्यूटर सुविधाएं प्रदान कर रहा है।

प्री प्लेसमेंट में मिला 1.68 का पैकेज: आईआईटी बीएचयू के सत्र 2022-23 के प्री प्लेसमेंट में 1.68 करोड़ का पैकेज मिला। पिछले साल के मुकाबले 2023 में बढ़ गया स्पॉन्सर रिसर्च प्रोजेक्ट: 2022 में 353 प्रोजेक्ट मिले थे वहीं इस साल 428 प्रोजेक्ट मिले हैं।

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