संत कबीर टेक्सटाइल पार्क
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जिले में 75 एकड़ में बनने वाले संत कबीर टेक्सटाइल पार्क को यूपी कैबिनेट ने हरी झंडी दिखाई है। टेक्सटाइल पार्क बनने से वाराणसी समेत पूर्वांचल के बुनकरों को रेशम, जरी और धागा के साथ के साथ ही नई तकनीकी के बारे में भी जानकारियां मिलेंगी। यहां टेक्सटाइल और परिधान उद्योग से जुड़े सभी प्रकार के उत्पादों की यूनिटें स्थापित की जाएंगी। धागा निर्माण से लेकर साड़ी बुनाई, प्रिंटिंग, प्रोसेसिंग और फिनिशिंग तक की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
रमना में 289 एकड़ में बनेगा नया औद्योगिक परिक्षेत्र
यूपीसीडा ने रमना में 289 एकड़ में नया औद्योगिक परिक्षेत्र बनाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा है। यहां उद्योग विभाग के ओर से 200 इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इनमें छोटे और बड़े उद्योगों को स्थान दिया जाएगा। इससे नए उद्योगों का भी रास्ता साफ़ होगा। उद्योग विभाग में लंबित पड़े सैकड़ों आवेदनों का भी निपटारा होगा। इससे 5000 युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्हें रोजगार की तलाश में अन्य जिलों और राज्यों में भटकना नहीं पड़ेगा।
ट्रंप टैरिफ से लड़खड़ाया हस्तशिल्प का बाजार
ट्रंप टैरिफ के बाद पूर्वांचल का निर्यात प्रभावित हुआ है। इसका असर बनारसी साड़ियों के कारोबार पर भी पड़ा है। हस्तशिल्प उद्योग के सामने संकट है। वाराणसी समेत चंदौली, मिर्जापुर और भदोही के हस्तशिल्प कारीगरी को सालाना 2 से 3 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के बाद कारोबार को थोड़ी गति मिली। इससे स्थानीय स्तर पर एक्सपो से कारोबार को रफ्तार मिली।
200 करोड़ की लागत से पिंडरा में टेक्नोलॉजी पार्क के लिए सरकार से जमीन मिली। टेक्नोलॉजी सेंटर बनने से बनारस के साथ ही पूर्वांचल के युवाओं के लिए रोजगार और इंडस्ट्री की संभावनाएं बढ़ेंगी। यहां युवाओं को उद्योग और व्यापार से संबंधित उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाएंगे। युवाओं को हवाई जहाज, ट्रेन, बस, मोबाइल जैसे आधुनिक तकनीकी उत्पादों के निर्माण से लेकर डिजाइनिंग तक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
औद्योगिक पार्क के लिए काम शुरू
पीडीडीयू नगर-चकिया मार्ग पर चंदाइत में 50 एकड़ में औद्योगिक पार्क बन रहा है। इसके लिए 30 एकड़ जमीन खरीदी गई। औद्योगिक पार्क बनने से पूर्वांचल के 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही पलायन भी रूकेगा। इस औद्योगिक पार्क का निर्माण सरकार के प्लेज पार्क पॉलिसी के अंतर्गत डीआरएस इंडस्ट्रियल पार्क एलएलपी द्वारा एक प्राइवेट औद्योगिक पार्क बनाया जा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय एक्सपो से 700 करोड़ के निवेश का खींचा खाका
इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के ओर से दिसंबर माह में आयोजित टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में 6 देशों के साथ 700 करोड़ के निवेश का खाका खींचा गया। 6 देशों से आए नीति-निर्माता, राजनयिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, प्रदर्शक तथा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ एक्सपो के माध्यम से पर्यटन और उद्योगों में निवेश पर सहमति बनी। एक्सपो में 85 से अधिक स्टाल भी लगाए गए, जिससे लाखों का कारोबार भी हुआ। एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे भारत में निवेश, निर्यात एवं आयात का केंद्र बनकर उभरा है, व्यापार सुगमता, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन एवं आतिथ्य परियोजनाओं के लिए प्रदेश एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभरा।