नगर निगम ने साल 2023 में बड़े-बड़े दावे किए लेकिन इन दावों को हकीकत में नहीं बदल सका। एक साल और बीत गया, न तो सफाई व्यवस्था सुधरी और न ही पेयजल की समस्या से निजात मिल सकी। शहर की खूबसूरती में दाग बने कूड़ाघरों को भी नगर निगम अभी हटा नहीं पाया है जो शहर की सफाई व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहे हैं। नगर निगम बॉन्ड लॉन्च करने की योजना भी मूर्त रूप नहीं ले सकी और ना ही नगर निगम भवन की डिजाइन फाइनल हो सकी।
नगर निगम के कई विकास कार्य जो 2023 में पूरे होने थे, अधूरे ही रह गए। शहर में वेस्ट टू चारकोल प्लांट शुरू करना था लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते इसे शुरू नहीं कराया जा सका। इसके अलावा 500 मीटर क्षेत्र में बीटवार साफ-सफाई व्यवस्था भी लागू नहीं हो पाई। शहर के बीच प्रमुख इलाकों और बाजारों के सभी कूड़ाघर भी हटाए जाने थे लेकिन पांच को छोड़कर सभी कूड़ाघर जस के तस है। वहीं, नव विस्तारित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। तालाबों और कुंडों से कब्जा हटवाने काम भी अधूरा है। गृहकर की गड़बड़ियां भी नगर निगम अब तक दूर नहीं करा सका है।
इस साल बने आठ जोन और 100 वार्ड
2023 में पहली बार निगम को आठ जोन और 100 वार्ड में बांटा गया। इस साल हुए निकाय चुनाव में काशी की जनता ने 100 पार्षद चुने। लेकिन, अब तक सभी वार्डों में पेयजल और सफाई मुकम्मल नहीं हो पाई। व्यवस्था बदलने के नाम पर मुख्यालय के बजाय जोनल कार्यालयों से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है लेकिन जनता आज भी जानकारी के अभाव में निगम के कार्यालयों का चक्कर लगा रही है। लंबे समय से बंद बेनियाबाग का अस्पताल चालू हुआ लेकिन वो भी केवल ओपीडी तक सीमित है। क्यूआर कोड से कूड़ा उठान की सुविधा शुरू की गई लेकिन ये भी पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित है।
ऑटोमेशन से जलापूर्ति शुरू
स्काडा के जरिये जलापूर्ति व्यवस्था से मैनपाॅवर हटाए गए। इनकी जगह ऑटोमेशन मशीन से जलापूर्ति की जा रही है। वाटर फिल्टरेशन के लिए बेहतर प्लांट चालू कराया गया, ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके।
सीवर लाइनें डायवर्ट, जलभराव बरकार
कई इलाकों में सीवर से जुड़ी लाइनों को डायवर्ट किया गया ताकि जलभराव से लोगों को मुक्ति मिल सके। लेकिन, अब भी कई इलाके हैं जहां जलभराव की समस्या बरकरार है। जलकल परिसर में सौर ऊर्जा से संचालित प्लांट लगाया गया ताकि बिजली की बचत हो सके।
मृत पशुओं के शवों के निस्तारण के लिए प्लांट चालू
मृत पशुओं के शवोंं के निस्तारण के लिए प्लांट चालू कराया गया। इससे अब पशुओं के शवों को इधर-उधर नहीं फेंका जाता है। सीधे प्लांट में निस्तारित कराए जा रहे हैं। यही नहीं वायु प्रदूषण को कम करने के लिए मिस्ट गन मंगाई गई। जिसके इस्तेमाल से लंबी दूरी तक पानी की बौछार की जाती है।
एमआरएफ सेंटर खुले
मलदहिया फातमान के पास पुराने कपड़े और अनुपयोगी सामान देने के लिए एमआरएफ सेंटर खोला गया। इसके अलावा कई कूड़ाघरों में कॉम्पैक्टर लगवाए गए। कूड़ा फेंकने वाली जगह को सुंदर बनाकर नमो वाचनालय बनाया गया। जहां पर लोग जाकर कुछ देर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
सिंगल विंडो सिस्टम चालू
नगर निगम में सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया गया। कैश लेनदेन बंद कर एक ही जगह से क्यूआर सिस्टम से कैश का लेनदेन ऑनलाइन शुरू किया गया। नगर निगम से जुड़ी हर प्रकार की सुविधाओं की जानकारी सिंगल विंडो सिस्टम से दी जा रही है।
अमृत योजना से सीवर और पेयजल व्यवस्था कराई दुरुस्त
अमृत योजना से शहर के कई इलाकोंं में सीवर और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराई गई। कई जगहों पर सीवर और पेयजल लाइनों को शिफ्ट कराया गया। कुछ जगहों पर सीवर लाइन को डायवर्ट किए गए। कई जगहों पर पेयजल के लिए नलकूप शुरू कराए गए।