उन्होंने एक सप्ताह के भीतर इसे ठीक कराने हिदायत दी। पेयजल के लिए लगी पानी की टोटियों के नीचे गंदगी को छिपाने के लिए चूने का छिड़काव किया गया था। इस पर हिदायत दी कि गंदगी छिपाना नहीं है, इसे हटाना है। यात्री प्रतीक्षालयों में डस्टबिन नहीं दिखी। इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने पानी के टीडीएस की भी जांच की। फूड ट्रैक के साथ किसी भी स्टाल पर नो बिल नो पेमेंट का बोर्ड न दिखने पर चेताया।
इसी प्लेटफार्म के वातानुकूलित यात्री प्रतीक्षालय में गंदगी मिलने पर चेताया कि ऐसा मिलने पर ठेका निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने जगह-जगह यात्रियों से पूछताछ कर फीड बैक भी लिया। इस दौरान एडीआरएम एसके वर्मा, सीनिरयर डीसीएम रूपेश कुमार, सीनियर डीईएन अशोक कुमार, डीईएन एचएम पुष्कर कुमार, स्टेशन निदेशक हिमांशु शुक्ला, सहायक कमांडेंट एसके सिंह, सतीश चौहान, डीईएन विवेकानंद भारती, स्टेशन अधीक्षक नरेन्द्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक द्वितीय संजय कुमार सिंह, सीएसजी अशोक अनिल, डिप्टी एसएस कमर्शियल एसपी शर्मा, एएन प्रसाद रहे।
साहब, पगार पांच हजार रुपये ही मिलता है
रेलवे स्टेशन पर सफाई के नाम पर अधिकारियों और कांट्रैक्टर की मिलीभगत से किए जा रहे गोलमाल की पोल उस समय खुल गई जब चेयरमैन के पूछने पर सफाईकर्मियों ने बताया कि साहब उन्हें मात्र पांच हजार पगार मिलती है और दस्तखत एवं अंगूठा आठ से दस हजार रुपये पर लगवाया जाता है। वहीं बदले में 12 घंटे काम कराया जाता है। यह सुनकर अधिकारी और ठेकेदार के आदमी बगली झांकने लगे।
पता चला कि स्टेशन पर 105 सफाईकर्मियों की नियुक्ति है लेकिन मात्र 50 से 60 कर्मियों से ही काम चलाया जाता है। इस पर चेयरमैन ने ठेकेदार पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया और चेताया कि सफाईकर्मियों को निफ्ट के जरिए ऑनलाइन पूरा पेमेंट किया जाए और नियमित छूट्टी आदि दी जाए।
जनतामील पर नहीं लिखा मिला रेट
चेयरमैन ने निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर जनतामील को देखा। वहां भी गड़बड़ी मिली। आमजन के लिए कम पैसे में भोजन उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन के स्टालों पर जनतामील (खाना पैकेट) मिलता है। उसमें जो भी खाद्य सामग्री होती है उसका रेट और वजन लिखना होता है मगर वहां भी गड़बड़ी मिली। चेयरमेन ने हिदायत दी कि रेट और वजन प्रिंटेड रखें।
सीसीटीएन को मिला पांच हजार रुपये का अवार्ड
पीडीडीयू रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो के पश्चिमी छोर पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने पर चेयरमैन रमेशचंद रत्न संतुष्ट दिखे। अच्छी कार्यप्रणाली पर पांच हजार रुपये का एवार्ड दिया। निरीक्षण से पहले चेयरमैन ने स्टेशन के सभाकक्ष में अधिकारियों संग बैठक कर रेलवे स्टेशन के साथ मंडल में यात्री सुविधाओं के बारे में हो रहे कार्योँ की समीक्षा की। स्टेशन पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य को समय पर पूरा कराने का निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में प्रयोग हो रहे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान रखने की हिदायत दी।