वाराणसी। जल निगम की योजनाओं में धांधली की जांच शुरू हो गई है। गुरुवार की दोपहर भेलूपुर सीओ अनिल कुमार दुर्गाकुंड स्थित जलकल कार्यालय पहुंचे और अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव से पूछताछ की। 450 करोड़ की अनियमितता के मामले में सीओ ने बताया कि अधिशासी अभियंता से लिखित बयान और सभी दस्तावेज मांगें गए हैं। साथ ही जितने आरोपित हैं उनके नाम और पता देने की मांग की गई है। ताकि उनके बयान दर्ज हो सकें।
पाइप लाइन को डैमेज करने वालों पर लगेगा जुर्माना
वाराणसी। जेएमडी संजय कुमार खत्री ने गुरुवार को गोइठहां स्थित एसटीपी कार्यालय में बैठक की। इस दौरान जल निगम के दो-दो जेई की संयुक्त रूप से आठ टीमें गठित की गईं हैं। इन टीमों को सर्वे करने की जिम्मेदारी दी। जो लीकेज की शिकायत पर उसकी जांच करके रिपोर्ट देेंगे। यह अभियान 15 सितंबर तक चलेगा। बैठक में पेयजल लाईनों को डैमेज करने वाले लोक निर्माण विभाग, आईपीडीएस, एलएंडटी आदि पर नुकसान के अनुरूप जुर्माने लगाने के निर्देश जेएमडी ने दिए हैं। साथ ही उन्होंने सभी नलकूपों व ओवरहेड टैंकों को जलकल को हैंडओवर करने की बात कही है।
बजट न मिलने पर प्रभावित हो सकती है पेयजल आपूर्ति
वहीं जेएमडी(संयुक्त प्रबंध निदेशक) को जल निगम के अधिकारियों ने बताया है कि अगर जल्द ही बजट नहीं मिला तो टंकियों से पेयजल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऐसे में यह व्यवस्था सही कराया जाय। इस पर जेएमडी ने जलकल विभाग को पत्र लिखने का आदेश दिया। वहीं अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है।
जल निगम के जेएमडी दो दिनों से शहर में हैं। गुरुवार को उन्होंने जल निगम के पेयजल वितरण को लेकर चर्चा की। इसमें अधिकारियों ने बताया कि शहर की 14 टंकियों के संचालन पर दो लाख रुपये प्रतिमाह का खर्च आता है। ऐसे में अब तक जल निगम 80 लाख रुपये खर्च कर चुका है। अब कोई बजट नहीं है। ऐसे में इसके लिए लिए जलकल को पत्र लिखकर इन टंकियों के संचालन पर चर्चा की है।
वहीं जेएमडी सभी टंकियों को लीकेज सही करने के लिए स्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। इसके लिए स्टीमेट बनाकर एमडी को भेजने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 12 बड़े लीकेज हैं, जिनको सही करने की योजना बनाकर शासन को भेजा जाए और जल्द से जल्द इसको सही कराया जाए।
आईजीआरएस टीम पहुंची नगर निगम
वाराणसी। सीवर, कचरा प्रबंधन, दूषित पेयजल की शिकायतों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग में खामी मिलने पर गुरुवार को आईजीआरएस की टीम नगर निगम पहुंची। लखनऊ से विरेंद्र मिश्र की अगुवाई में नगर निगम व जलकल के अफसरों के साथ बैठक की। तय समय के भीतर शिकायतों का निस्तारण नहीं होने की वजह जानी। कहा कि सीएम पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण करते वक्त फोटो भी अपलोड करें और सूचित भी करें। जानकारी के अनुसार मिंट हाउस के पटेल नगर कालोनी की एक शिकायत में मौके पर सीवर समस्या हल नहीं किया गया और ऑन लाईन उसके निस्तारण की सूचना भेज दी गई। जब दोबारा शिकायत आई तो उसकी पोल खुली।
पार्षदों की मांग लेकर लखनऊ पहुंचे जलकल जीएम
वाराणसी। नगर विकास के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह के आदेश पर जल कल जीएम पार्षदों की मांग पत्र लेकर लखनऊ पहुंचे। प्रमुख सचिव ने अपने निरीक्षण के दौरान यह आदेश जारी किया था। जलकल जीएम अपने साथ करीब 10 करोड़ की लागत वाली 66 प्रोजेक्टों को की रिपोर्ट लेकर गये हैं, जिस पर चर्चा होने के बाद बजट जारी होगा।