शुरुआत में झेलना पड़ा विरोध
संजय बाबा बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा। लोग कहते थे कि खेलों में कुछ नहीं रखा है और बच्चों को पहलवान बनाकर उनका भविष्य खराब किया जा रहा है। क्षेत्र के अधिकांश लोग अपने बच्चों को कुश्ती में नहीं भेजना चाहते थे। यह सोच वर्ष 2021 में बदली, जब शंकर ने प्रदेश कुमार का खिताब जीता। इसके बाद लोगों का नजरिया बदला और अखाड़े को सम्मान मिलने लगा। पिछले तीन वर्षों में सौरभ यादव ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता के बाद अखाड़े में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी लगातार बढ़ी है।
नाम खिलाड़ी का स्तर
- सौरभ यादव- अंतरराष्ट्रीय में स्वर्ण
- लालू यादव- राष्ट्रीय में रजत
- शिवधनी- प्रादेशिक में कांस्य
- अवध यादव- राष्ट्रीय में रजत
- शंकर यादव- यूपी कुमार
- अविनाश- राष्ट्रीय प्रतिभाग
- लालजी पाल- राष्ट्रीय प्रतिभाग