शिव की नगरी काशी में आज विश्व के सबसे बड़े ऑनलाइन रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। स्वामी विज्ञानानंद की प्रेरणा से विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से विश्व शांति और आतंकवाद के अंत के लिए ये भव्य आयोजन किया जा रहा है। संयोजक गौरव त्रिपाठी ने कहा कि विश्व आज युद्ध, आतंकवाद, महामारी, भूख और आर्थिक अनिश्चितता के रूप में बहुत सारी चुनौतियों का सामना कर रहा है। हमारे शास्त्रों के अनुसार, महादेव शिव, यदि प्रसन्न हैं, तो सभी जीवों के लिए सभी बुराइयों और कष्टों को दूर कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से हम विश्व शांति, मानवता के कल्याण और आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रार्थना करने के लिए विश्व के सबसे बड़े ऑनलाइन रुद्राभिषेक का आयोजन कर रहे हैं। इसमें विश्व भर में 1 लाख भक्त एक ही समय में डिजिटल रूप से संकल्प लेंगे।
काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में हो रहा ये महारुद्राभिषेक स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को समर्पित है। जो उन्होंने 11 सितंबर 1893 को शिकागो की धर्म संसद में दिया था, जो कि विश्व शांति और सद्भावना के संदेश को समर्पित है। इसके माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विश्व शांति के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं इसमें 2001 में अमेरिका में हुए आतंकवादी हमले के मृतकों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी।
काशी विश्वनाथ धाम
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बता दें कि 11 सितंबर, 2001 विश्व के इतिहास के लिए एक दुखद तारीख है, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए। यह न्यूयॉर्क शहर पर क्रूर आतंकवादी हमले को इंगित करता है जिसमें हजारों निर्दोष लोग मारे गए थे। वहीं, 11 सितंबर, 1893 को शिकागो में स्वामी विवेकानंद ने परिवर्तनकारी भाषण दिया था।
संयोजक गौरव त्रिपाठी ने कहा कि महादेव के आशीर्वाद से काशी विश्वनाथ मंदिर, विश्वभर के मंदिरों में ऐसा होगा जहां से लाखों लोगों तक एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि हम भारत के रूप में, शांति, सद्भाव और विकास के लिए खड़े हैं।
उन्होंने आगे बताया कि- हम 11 सितंबर को एक लाख शिव भक्तों को ऑनलाइन संकल्प लेने के लिए विश्व भर के हिंदुओं तक पहुंचाने जा रहे हैं। भाग लेने के लिए, कोई भी भक्त हमारी साइट www.harharmahadeva.com पर जा सकता है।