मुक्ताकाशीय मंच पर रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का मंचन आज से शुरू हो जाएगा। आने वाले एक माह तक रामनगर में त्रेतायुग के महानायक भगवान श्रीराम की लीलाएं जीवंत होंगी। बुराई पर अच्छाई की विजय का सदियों पुराना संदेश नेमियों के सामने फिर से साकार होगा। आने वाले 31 दिनों तक रामनगर का माहौल राममय रहेगा। रामनगर की विश्व प्रसिद्ध लीला का मंचन गुरुवार को अनंत चतुर्दशी से आरंभ होगा।
पहले दिन रामबाग पोखरे पर क्षीरसागर की झांकी सजेगी। रामबाग पोखरे में अब पर्याप्त पानी आ चुका है। पिछले कई दिनों से स्वयंसेवकों की टीम रामबाग की सफाई में जुटी है। रामनगर समेत काशी के लोकोत्सव के रूप में प्रसिद्ध रामलीला की तैयारियां डेढ़ महीने से चल रही हैं। बुधवार को बालकांड के दोहों का गायन संपन्न हो गया।
घरों में भी होता है रंगरोगन
रामनगर की रामलीला से पहले ही लोग अपने घरों में रंगरोगन भी कराते हैं। पूरे महीने भर लीलास्थल के आसपास के घरों में सजावट रहती है। बलुआघाट स्थित धर्मशाला में मुख्य स्वरूपों का पिछले डेढ़ महीनों से प्रशिक्षण चल रहा है।
सर्वधम समभाव का संदेश देती है लीला
रामनगर की रामलीला में जाति-पाति और मजहब के बंधन बेमानी हो जाते हैं। यहां की तैयारियों में हर जाति-धर्म के लोग शामिल होते हैं। रामबाग के अंदर पुतलों का निर्माण राजू खान की देखरेख में हो रहा है तो रंगरोगन और सजावट का काम दयाशंकर प्रजापति की देखरेख में हो रहा है। पात्रों की रिहर्सल और संवाद याद कराने के लिए भी अलग-अलग व्यास जिम्मा संभाले हैं।