World Oral Health Day: पूरा मुंह न खुलना, सही तरीके से लार का न बनना, लंबे समय से मुंह में दर्द देने वाले दाने निकलना। इस तरह की समस्या लेकर आईएमएस बीएचयू के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओपीडी में रोजाना 10-15 लोग आ रहे हैं।
डॉक्टर के अनुसार ऐसा गुटखा, सुर्ती, सुपाड़ी खाने वालों को इस तरह की समस्या ज्यादा हो रही है। जांच के बाद इनमें कैंसर के संभावित लक्षण मिलते हैं। चिंता का विषय यह है कि मरीजों में 20 से 35 साल वाले युवाओं की संख्या हर दिन 5-7 तक होती है।
मुंह के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे ) मनाया जाता है। बीएचयू दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रो. टीपी चतुर्वेदी का कहना है कि मुंह की स्वच्छता पर ध्यान न देने से दांतों में सड़न, मसूड़ों में सूजन की समस्या रहती है।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि सुपाड़ी, कत्था, सुर्ती न खाने की सलाह देने के बाद भी लोग नहीं छोड़ रहे हैं। हर दिन ओपीडी में मुंह में छाले, खाना खाते समय पूरा मुंह न खुलने आदि की समस्या लेकर लोग आते हैं, इसमें जांच के बाद प्री कैंसर के लक्षण की पुष्टि होती है। चिकित्सकीय भाषा में इसे ओरल सब म्यूकस फाइब्रोसिस या ल्यूकोप्लेकिया कहते हैं।
तंबाकू का सेवन करने वालों को चिकित्सकीय सलाह लेते रहने और दांतों में सड़न, मसूड़ों में सूजन वालों को हर दिन दो बार ब्रश करने की सलाह दी जाती है। साथ ही बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई भी दवा न लेने की बात कही जाती है।