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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: बच्चों में ड्रग्स की लत से कम नहीं है एक लाइक की चाह, खो रहे समझने की शक्ति

Fri, 10 Oct 2025 06:12 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

World Mental Health Day: बच्चों में मोबाइल देखने की लत दिनोंदिन बढ़ते जा रही है। इससे उनकी मानसिक स्थिति पर काफी असर पड़ रहा है। मानसिक अस्पताल की ओपीडी में इससे संबंधित कई मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
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दिमाग पर पड़ता है असर। - फोटो : Adobe Stock Images
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विस्तार
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जिले में 10-12 साल के बच्चों में मोबाइल और रील देखने की ऐसी लत लग रही है कि वे इसमें अपने सोचने और समझने की शक्ति खो दे रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ रहा है। मानसिक अस्पताल की ओपीडी में इस तरह के रोजाना चार से पांच केस आ रहे हैं। माता-पिता अपने बच्चों के आक्रोशित व्यवहार और भूलने की समस्या से परेशान होकर मनोचिकित्सकों के पास ले आ रहे हैं। एक लाइक के लिए बच्चे कुछ भी कर गुजर रहे हैं।

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केस - 1 : सुंदरपुर के रहने वाले 14 वर्षीय बच्चे को ज्यादा गुस्से की समस्या थी। गुस्से में वह कभी सामानों को बाहर फेंक देता था। इससे परेशान होकर परिजन उसे मानसिक अस्पताल ले आए। यहां काउंसिलिंग करके दवा दी गई।

केस - 2 : शिवपुर के रहने वाले अधिवक्ता के बेटे को सिर दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने दीनदयाल अस्पताल के नेत्र विभाग में उसका इलाज कराया, लेकिन चिकित्सकों ने स्थिति को देखते हुए उसे मानसिक अस्पताल रेफर किया। वहां चिकित्सकों ने उसकी काउंसिलिंग की।
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केस - 3 : चौबेपुर निवासी शिक्षक के बेटे को भूलने की समस्या होने लगी। परीक्षा में नंबर कम आने लगे। कई बार स्कूल से शिकायत आई। परिजन उसे न्यूरोलॉजिस्ट के पास ले गए। जहां उसकी काउंसिलिंग हुई। काउंसिलिंग में सामने आया कि बच्चा स्कूल से आने के बाद घर में बैठकर रील देखा करता था। फिलहाल 4 महीने की दवा के बाद अब बच्चे की स्थिति में सुधार हो रहा है।

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न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि बच्चों में इस प्रकार की आदत खतरनाक है। माता-पिता परेशान होकर यहां ले आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात बच्चों को इस प्रकार की समस्या के लिए अत्यधिक दवा नहीं दी जाती है। प्रयास रहता है कि उनकी काउंसिलिंग से ही उनके जीवन और आचरण में सुधार लाया जाए। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. निवेदिता पाठक के मुताबिक, लंबे समय तक रील देखने की आदत आंखों की विजन को कमजोर कर रही है। ऐसी समस्याएं बच्चों में ज्यादा आ रही हैं।
बच्चों में रील देखने की आदत सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता को कमजोर कर रही हैं। इन समस्याओं को समाप्त करने के लिए अभिभावकों को प्रयास करना पड़ेगा कि बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। दवा हर बीमारी का समाधान नहीं है। - डॉ. सीपी मल्ल, निदेशक, मानसिक अस्पताल।
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