सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के डॉ. तरुण कुमार का कहना है कि फेफड़े के कैंसर के लक्षण जितनी जल्दी पता चल जाए, उतनी जल्दी इलाज शुरू करा देना चाहिए। इस बीमारी की जद में आने वाले अधिकांश मरीज टीबी की बीमारी मानकर दवा करवाते हैं। इसलिए टीबी वाले मरीजों की सेहत पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के ऑपरेशन थियेटर में हर महीने एक मरीज का ऑपरेशन किया जा रहा है। यह बात भी सही है कि युवाओं में यह बीमारी बढ़ती जा रही है। इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
ये लक्षण दिखे तो तुरंत कराएं जांच
- लगातार खांसी आना। इसमें खून आना।
- वजन कम होना और भूख में कमी।
- सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या बेचैनी।
- सही तरीके से बोलने में परेशानी या आवाज स्पष्ट न होना।