प्रथम गणेश पूजन के साथ ही रामलीला में श्रीराम, जानकी, भरत, लक्ष्मण, और शत्रुध्न की भूमिका निभाने वाले बालकों का प्रशिक्षण शुरू हो गया। आज से ये बालक रामलीला की समाप्ति तक रामलीला व्यास के सानिध्य में रह कर संवाद कंठस्थ करने के साथ भाव भंगिमाओं की शिक्षा ग्रहण करेंगे। इस दौरान वे अपने घर नही जाएंगे बल्कि बलुआ घाट धर्मशाला में ही प्रवास करेंगे।