बदलती लाइफस्टाइल के कारण कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। खासतौर पर महिलाओं में स्तन कैंसर के लिए इनकी लाइफस्टाइल ही जिम्मेदार है। मोटापा, शिशु को स्तनपान न कराना इसका प्रमुख कारण है।
विज्ञापन
2 of 6
e
- फोटो : Getty Images
अमेरिका में जहां 100 में हर आठवीं महिला इसकी शिकार है, वहीं भारत में भी इसकी दर तेजी से बढ़ रही है। यहां 100 में हर 28वीं महिला स्तन कैंसर की शिकार है। अब देश भी हाई रिस्क जोन में आ रहा है।
विज्ञापन
3 of 6
Cancer
आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग की डॉ. मल्लिका तिवारी बताती हैं कि ओपीडी में रोजाना ही 150 से 200 कैंसर के मरीज आते हैं। सबसे ज्यादा महिलाएं स्तन कैंसर, बच्चेदानी और ओवरी (अंडाशय) कैंसर की शिकार होती हैं।
4 of 6
कैंसर
- फोटो : getty
आजकल 16-17 साल की लड़कियां ओवरी कैंसर की शिकार पाई जा रही हैं। इसका प्रमुख कारण बीआरसीए नामक जींस में गड़बड़ी होना है। डॉ. मल्लिका बताती हैं कि वर्तमान में एक समस्या ये भी है कि लोगों को होता तो गॉल ब्लैडर कैंसर है, लेकिन उचित चिकित्सा और परामर्श न मिलने पर उसे पथरी मानकर ऑपरेशन कर दिया जाता है।
विज्ञापन
5 of 6
कैंसर
- फोटो : getty images
अगर एक बार ऑपरेशन हो गया तो फिर बाद में कैंसर का पता लगने पर इलाज संभव नहीं होता है। ऐसे में अगर किसी को पथरी की शिकायत है तो उसे पहले एक बार अच्छे डॉक्टर से चेकअप जरूर करा लेना चाहिए।
पहले गले के कैंसर होने पर मुंह से लेकर गले तक का पूरा भाग निकाल लिया जाता था।
पूर्वांचल में सबसे ज्यादा मुंह और फेफड़े का कैंसर होता है। ये कैंसर तंबाकू के कारण होता है। पूर्वांचल में रोजाना 210 टन तंबाकू और 97 टन सुपाड़ी की खपत है। इसमें रोजाना बनारस में अकेले 80 टन तंबाकू और 22 टन सुपाड़ी की खपत है।