शौक में पान मसाला खाने वालों के लिए अब निवाला निगलना भी मुश्किल हो रहा है। किसी का मुंह नहीं खुल रहा तो किसी के मुुंह में घाव हो गया है। इस तरह की समस्या से ग्रस्त लोग बीएचयू अस्पताल के रेडियोथेरेपी विभाग के साथ ही सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में रोजाना पहुंच रहे हैं। कैंसर के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। बीएचयू रेडियोथेरेपी विभाग के प्रो. सुनील चौधरी का कहना है कि कैंसर पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण होगा। हर दूसरा व्यक्ति कैंसर की चपेट में आ सकता है। इस दिशा में शोध भी चल रहा है।
30 साल से कम उम्र वालों में मुंह का कैंसर ज्यादा
प्रो. चौधरी का कहना है कि वर्तमान में करीब 60 से 70 मरीजों को ओपीडी में देखा जा रहा है। 10 से ज्यादा पीड़ित मुंह कैंसर के आ रहे हैं। इनकी उम्र भी 30 वर्ष से कम रहती है। कैंसर की मुख्य वजह पान मसाला, गुटखा व तंबाकू खाना है। ब्रेस्ट कैंसर के मामले भी बढ़े हैं। आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में होता था, लेकिन अब धारणा बदल गई है। 30 से 35 वर्ष की महिलाएं भी कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।