पाइप लाइन के जरिए घर-घर गैस पहुंचाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना काशी में सबसे पहले डीरेका और बीएचयू परिसर में साकार होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डीरेका में पीएनजी पाइप लाइन बिछाने की शुरुआत हो गई है।
गैस अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की ओर से आवासीय कॉलोनियों में यह ब्रांच पाइप लाइन बिछाई जा रही है। जल्द ही बीएचयू परिसर की आवासीय कॉलोनियों में इस काम की शुरुआत होगी। इसके लिए आधिकारिक तौर पर वार्ता शुरू हो गई है।
पहले चरण में एक हजार आवासों को गैस पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। उसके बाद शहर के अन्य हिस्सों में भी ब्रांच लाइनें बिछाई जाएंगी।
डीरेका में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की पाइप लाइन बिछाने के लिए फर्रूखाबाद से तीन हाइड्रोलिक ड्रिलिंग मशीन लाई गई है।
गेल के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में काम कराया जा रहा है। कंपनी के सुपरवाइजर ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत डीरेका और बीएचयू में गैस पाइप लाइन बिछाई जानी है। जगदीशपुर से हल्दिया तक 2620 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जा रही है।
फिलहाल फूलपुर से पिंडरा के बीच पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। ब्रांच लाइन को इसी मुख्य लाइन से जोड़ा जाएगा। दिसंबर 2018 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीरेका में अभी तक कंचनपुर गेट से कार्य शुरू होकर कॉलोनी के तीसरे लेन में पहुंच गया है।
काम करा रहे ठेकेदार ने बताया कि सुबह आठ से शाम छह बजे तक ही कार्य करने की अनुमति है। वो चाहते हैं कि डीरेका प्रशासन रात में भी काम कराने की अनुमति दे। इससे काम और तेजी जाएगी।
ये होंगे फायदे
- बिजली-पानी की तरह घरों में उपलब्ध होगी पीएनजी
- गैस बुकिंग के लिए इंतजार से मिल जाएगा छुटकारा
- गैस की कालाबाजारी और घटतौली पर लगेगी लगाम
- हर घर का होगा अपना मीटर, उपभोग के हिसाब से जनरेट होगा बिल