वाराणसी। वाराणसी मंडल में श्रमिक अब सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक खुले स्थानों पर काम नहीं करेंगे। भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए श्रम विभाग ने आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी नियोक्ताओं को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जिलों में संचालित सभी कारखानों, औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, ईंट-भट्टों, निर्माण कंपनियों और बिल्डरों को अनिवार्य रूप से इन दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
उप श्रम आयुक्त डॉ. महेश कुमार पांडेय ने बताया कि तापमान को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के कार्य समय और शिफ्ट में तत्काल प्रभाव से बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी श्रमिक से सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक खुले स्थानों पर सीधे धूप में कार्य नहीं कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी प्रतिष्ठान स्वामियों को अपने कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए शुद्ध व शीतल पेयजल और छायादार ठंडे स्थानों की पर्याप्त व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा कार्यस्थलों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फर्स्ट एड बॉक्स और ओआरएस घोल की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस मेडिकल किट में बुखार, उल्टी, चक्कर और दस्त जैसी समस्याओं से निपटने वाली आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं होना अनिवार्य है। यदि कोई श्रमिक बेहोश होता है, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा उपलब्ध करानी होगी।
फुल स्लीव सूती कपड़े और गमछा अनिवार्य
श्रमिकों को लू के थपेड़ों से बचाने के लिए नियोक्ताओं को प्रेरित करना होगा कि वे कार्य के दौरान पूरे शरीर को ढकने वाले सफेद सूती फुल स्लीव कपड़े पहनें। साथ ही काम के वक्त उनके पास गमछा, पानी की बोतल, रुमाल और टोपी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। सभी क्षेत्रीय श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने सेक्टरों के व्यापार मंडलों, औद्योगिक एसोसिएशनों और ईंट-भट्टा संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं।