रेणुकूट। प्रदेश सरकार के चार साल पूरा होने पर योगी सरकार की तरफ से श्रमिक कल्याण दिवस मनाए जाने के खिलाफ वर्कर्स फ्रंट की तरफ से अपर श्रमायुक्त विध्यांचल मंड़ल कार्यालय पिपरी पर धरना दिया गया।
अपर श्रमायुक्त विध्यांचल मंडल सरजू राम के माध्यम से वर्कर्स फ्रंट द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र भेजा गया। इस मांग पत्र की एक प्रति अपर मुख्य सचिव श्रम व रोजगार को प्रेषित किया गया। मुख्यमंत्री को भेजे पत्रक में मांग किया गया कि यदि सरकार श्रमिक कल्याण के प्रति ईमानदार है तो मजदूरों की गुलामी के दस्तावेज नए लेबर कोडों को निरस्त करने के लिए प्रदेश विधानसभा से तत्काल प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार को भेजे। 1000 दिनों तक लेबर ला लागू न करने के शासनादेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत ठेका मजदूरों को नियमित किया जाए और सेवानिवृत्ति के समय उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, सवैतनिक अवकाश दिया जाए तथा उनके लिए हर उद्योग में सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित किया जाए।
अनपरा तापीय परियोजना में मजदूरों की बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान किया जाए। जनहित में बिजली के निजीकरण को हर हाल में तत्काल रोका जाए और विद्युत संशोधन विधेयक 2021 को निरस्त किया जाए। सोनभद्र के खनन, क्रशर उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की जीवन सुरक्षा के लिए उन्हें उ0 प्र0 भवन एवं सनिर्माण बोर्ड में पंजीकृत कर उन्हें सभी हित लाभ दिए जाए। ओबरा ‘सी’ में कार्यरत सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से उ0 प्र0 भवन एवं सनिर्माण बोर्ड में पंजीकरण कराया जाए और उनकी न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, बोनस सुनिश्चित किया जाए। 62 साल पर नौकरी से निकाली गई आगंनबाडियों को पेंशन, ग्रेच्युटी, सवैतनिक अवकाश आदि सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाए। इस मौके पर ठेका मजदूर यूनियन अध्यक्ष कृपाशंकर पनिका, मंत्री तेजधारी गुप्ता, वर्कर्स फ्रंट नेता व पूर्व सभासद नौशाद, मजदूर किसान मंच अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, संयुक्त मंत्री मोहन प्रसाद गोविंद प्रजापति, सुमन गोंड़, मंगरू आदि मौजूद रहे।