रामनगर में निर्माणाधीन टर्मिनल
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उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद काशी में जल परिवहन के काम में तेजी लाने की कवायद शुरू हो गई है। साथ ही, भूमि अधिग्रहण और कछुआ सेंक्चुरी जैसे मामले भी जल्द सुलझने की आस जगी है। यही वजह है कि 22 मार्च को इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ वाराणसी आ रहे हैं।
यहां वे योजना में तेजी लाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से विभिन्न मसलों पर बातचीत करेंगे।
गंगा में इलाहाबाद से हल्दिया के बीच विधिवत जल परिवहन शुरू करने की तैयारी है। यूपी से बाहर बिहार, प. बंगाल में तेजी से काम हो रहा है।
वाराणसी में कछुआ सेंक्चुरी और जमीन अधिग्रहण का मुद्दा अटका हुआ है। हालांकि टर्मिनल का काम चल रहा है। आईडब्ल्यूएआई का कहना है कि प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर स्थानीय प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
कछुआ सेंक्चुरी की फाइल भी मुख्यमंत्री कार्यालय में अटकी है। हालांकि अब इन बाधाओं के दूर होने की संभावना जताई जा रही है।
22 मार्च को आईडब्ल्यूएआई के उपाध्यक्ष प्रवीर पांडेय, टेक्निकल टीम सहित वर्ल्ड बैंक की टीम वाराणसी में एक वर्कशॉप में शामिल होगी। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक होगी और विकास कार्यों का निरीक्षण होगा।