दो महीने में बाराबंकी से शुरू हो जाएगा पायलट प्रोजेक्ट
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ट्रेनों में खान-पान को लेकर मिल रही शिकायतों के मद्देनजर गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए रेलवे नई कैटरिंग पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इसके तहत कैटरिंग और बेस किचन की जिम्मेदारी महिला समूहों को देने पर विचार किया जा रहा है।
इसके लिए महिला स्वयंसेवी सहायता समूहों को जोड़ने के साथ ही कैटरिंग और किचन दोनों सुविधाओं को अलग-अलग करने की तैयारी है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बाराबंकी से इसकी शुरुआत की जाएगी। यहां दो महीने में महिलाएं रेलवे के बेस किचन और भोजन की सप्लाई का जिम्मा संभाल लेंगी।
रेल यात्रियों को शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन मुहैया कराने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो रेल मंत्री सुरेश प्रभु जल्द ही इस नई कैटरिंग पॉलिसी की घोषणा कर सकते हैं।
किचन की जिम्मेदारी के साथ ही सामाजिक दायित्व को पूरा करने के उद्देश्य से महिला स्वयं सेवी समूहों से जुड़ी महिलाओं को सभी स्टेशनों पर 33 फीसदी स्टॉल भी दिए जा सकते हैं।
यात्रियों तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के सेवा प्रदाताओं के अलावा नामचीन फूड चेन कंपनियों को भी जोड़ा जा सकता है।
इस बारे में आईआरसीटीसी के रीजनल मैनेजर अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बाराबंकी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत महिला स्वयं सहायता समूह दो से तीन महीने में इस व्यवस्था से जुड़ जाएंगी।
महिलाएं भोजन तैयार करेंगी और ऑर्डर पर खाना भी पहुंचाएंगी। इसके लिए उनको ट्रेनिंग भी दी गई है।