सारनाथ। होली पर जहां एक ओर पीने-पिलाने की होड़ मची रही वहीं, सारनाथ इलाके के रसूलगढ़ स्थित देसी शराब की दूकान बंद कराने के लिए क्षेत्र की सौ से अधिक महिलाएं सड़क पर उतर आईं। हाथ में झाड़ू लेकर पहुंचीं महिलाओं ने दूकान के सामने प्रदर्शन कर रसूलगढ़-तिलमापुर मार्ग जाम कर दिया। पुलिस के सामने ही शराब की दूकान की दीवार ढहा दी। यह घटना शनिवार दिन की है। करीब एक घंटे तक चला यह हंगामा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक एक दिन पहले शनिवार को आधी आबादी के इस बगावती तेवर की आसपास के इलाके में पूरे दिन चर्चा रही।
रसूलगढ़ में पांच साल पूर्व देसी शराब की दूकान खोली गई थी। महिलाओं का आरोप है कि दूकान घनी आबादी के बीच है। दूकान के पास ही स्कूल और मंदिर है। क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि उनके विरोध के बावजूद दूकान खोली गई। ज्यादातर घरों के पुरुष शराब की लत के शिकार हो चुके हैं। आए दिन किसी न किसी घर में शराब को लेकर हंगामा होता है। सप्ताह भर पूर्व क्षेत्र के ही एक व्यक्ति
ने नशे में होकर पहले तो विवाद किया और बाद में आग लगाकर जान दे दी। अंतत: क्षेत्र की महिलाओं ने तय किया वह एकजुट होकर प्रशासन की खिलाफ करेंगी। शनिवार को दिन में 11 बजे सौ की संख्या में महिलाएं शराब की दूकान पर पहुंच गईं और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना के बाद एसओ सारनाथ अनिल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराने को कहा। महिलाओं की मांग थी कि दो दिन तक शराब की दूकान न खुले। पुलिस ने इसका आश्वासन दिया तब जाकर कर महिलाओं ने हंगामा समाप्त किया।