दुर्गा घाट स्थित फड़नवीस बाड़ा का जीर्णोद्धार कर 200 कमरों की धर्मशाला बनाई जाएगी और यह पूरी तरह से महिलाओं के लिए ही होगी। देश भर से काशी आने वाली महिलाओं, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां ठहरने का इंतजाम रहेगा।
सेवा के लिए छोड़ दी हाईकोर्ट की वकालत
शिवांगी द्विवेदी ने सेवा कार्य के लिए हाईकोर्ट की प्रैक्टिस छोड़ दी है। वर्ष 2022 तक वह लखनऊ हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करती थीं। अब विश्व मांगल्य प्रकल्प के साथ जुड़कर महिला उत्थान के लिए काम करती हैं। समाज के प्रति समर्पण के कारण ही उन्होंने नई मुहिम शुरू की है।
काशी विश्व मांगल्य सभा की ओर से दुर्गाघाट और पंचगंगा घाट के प्राचीन धरोहरों को सहेजने संवारने का काम तीन फेज में होगा। पहले चरण में धर्मशाला का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। दूसरे में विट्ठल मंदिर व हॉल का निर्माण और तीसरे फेज में बिंदु माधव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। पहले फेज के काम पर 37 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सबसे ऊंचा होगा बिंदु माधव मंदिर का शिखर
विश्व मांगल्य सभा द्वारा पंचगंगा स्थित बिंदु माधव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इस मंदिर का शिखर काशी का सबसे ऊंचा शिखर होगा। जीर्णोद्धार के बाद बिंदु माधव मंदिर आध्यात्मिक पर्यटन के फलक पर एक और नया केंद्र बनेगा। पर्यटक आसानी से इस मंदिर तक पहुंच सकें, इसकी योजना तैयार की जा रही है। इस धरोहर के पुराने स्वर्णिम वैभव से पर्यटकों को रूबरू कराने की योजना तैयार कर ली गई है।