पिंक बसें भी चलाएंगी महिलाएं
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पिंक बसों का भी संचालन किया जा रहा है। लखनऊ, गोरखपुर परिक्षेत्र की पिंक बसें सप्ताह में दो से तीन दिन वाराणसी पहुंचती हैं। अभी तक इन बसों में महिला चालक नहीं है, सिर्फ महिला परिचालक हैं। ऐसे में पिंक बसों में भी महिला चालकों की भर्ती की जाएगी। तब परिचालक व चालक दोनों महिला ही रहेंगी।
चालकों का है इतना वेतन
संविदा पर भर्ती होने वाले चालकों को प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान होता है। महिला चालकों को भी 1.56 पैसा प्रति किलो मीटर के दर से भुगतान किया जाएगा। यदि महिलाएं कौशल विकास के तहत ट्रेनिंग लेकर आएंगी तो उन्हें लगभग 9 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा। हां, बोनस व प्रोत्साहन राशि भी अलग से मिलती है।
महिला चालकों के लिए योग्यता
संविदा चालक के लिए अभ्यर्थी की शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 पास होना जरूरी है। भारी वाहन का लाइसेंस दो वर्ष का होना चाहिए। उम्र 23 से 56 वर्ष होना चाहिए। निवास, आधार के साथ ही जाति प्रमाणपत्र भी लगाना होगा।
इन डिपो में करें संपर्क
वाराणसी परिक्षेत्र के कैंट, ग्रामीण, काशी, चंदौली, विंध्यनगर, सोनभद्र, गाजीपुर डिपो में किसी भी कार्य दिवस में पहुंचकर महिलाएं आवेदन और अन्य जानकारियां हासिल कर सकती हैं।
14 दिनों की दी जाएगी स्पेशल ट्रेनिंग
महिला अभ्यर्थियों के आवेदन की जांच प्रक्रिया एक सप्ताह तक चलेगी। लाइसेंस आदि जांच के बाद स्थानीय स्तर पर महिला चालकों से बस चलवाकर देखा जाएगा। इसके बाद 14 दिनों की विशेष ट्रेनिंग कानपुर स्थित कार्यशाला में कराईजाएगी। महिला चालक की लंबाई 5 फीट 3 इंच होनी चाहिए। इससे कम पर आवेदन अस्वीकार कर दिए जाएंगे।
- वाराणसी परिक्षेत्र में महिला चालकों के कुल 50 पद हैं।
- कम से कम 3 माह तक महिला चालकों की भर्ती प्रक्त्रिस्या जारी रहेगी, आगे अवधि बढ़ भी सकती है।
- आवेदन की अवधि निर्धारित नहीं है, महिलाओं के आवेदन पर यह निर्धारित होगी, सभी आवेदन संविदा के लिए होंगे।
पुरुष वर्चस्व वाले कार्यों में महिलाओं की पैठ
पुरुष वर्चस्व वाले कार्यों में महिलाएं खूब दखल दे रही हैं। शहर के पेट्रोल पंपों पर महिलाएं काम कर रही हैं। नोजल से वाहनों में तेल भरने का काम महिलाएं कर रही हैं। कबीरचौरा रोड स्थित एक पंप पर महिला कर्मचारी कार्यरत है। इसके साथ ही लहुराबीर से मैदागिन के बीच एक महिला ई-रिक्शा भी चलाते हुए देखी जा सकती है। वर्तमान समय में महिलाएं घर से लेकर दुकान तक बखूबी संभाल रही हैं। रेलवे में हर साल महिला पायलटों की नियुक्ति होती है।
महिलाओं को बढ़ावा देने को लेकर एक प्रस्ताव बनाया गया है। इस पर काम भी तेजी से हो रहा है। अब तक सोनभद्र डिपो से 3 महिलाओं का आवेदन चालक के पद के लिए आया है। उनके आवेदनों की जांच की जा रही है। अन्य डिपो में भी महिलाओं की पूछताछ काफी बढ़ी है। लंबाई कम होने के कारण बहुत सी महिलाओं को निराशा भी मिल रही है। - एसके राय, वाराणसी परिक्षेत्र, यूपीएसआरटीसी