शराब की बिक्री रोकने की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं। शराब की दूकाने बंद कराने की उनकी मांग शहरी क्षेत्र से गांवों तक पहुंच गई।
सुबह से शाम तक हंगामा चलता रहा। ककरमत्ता और लहरतारा में सड़क जाम करने के साथ ही महिलाओं ने चांदपुर, सिगरा के शिवपुरवा, लोहता के मुड़ैला व चुरामनपुर और रोहनिया के कादीपुर में शराब की दूकानें बंद करा दीं। नाराज भीड़ ने सेल्समैनों की पिटाई की और बोतलें फोड़ दीं।
हाथ में झाड़ू और डंडे लेकर निकली महिलाओं ने कहा कि शराब हमारे घरों को बरबाद कर रही है, उजाड़ रही है। हम किसी कीमत पर दूकानें नहीं खुलने देंगे। आरोप है कि कादीपुर की दूकान से 18 हजार रुपये और आठ पेटी शराब प्रदर्शन में शामिल लोगों ने लूट लिए।
मंडुवाडीह-लहरतारा मार्ग पर शिवदासपुर स्थित शराब की दूकान पर महिलाएं सुबह करीब साढ़े सात बजे ही जा धमकीं। मौजूद सेल्समैन को जमकर पीटा, सैकड़ों पाउच पानी सड़क पर फेंक कर दूकान बंद कराईं और सड़क जाम कर दी।
महिलाओं का आरोप था कि पुलिस की शह पर रात भर शराब बिकती है। लगभग दो घंटे से ज्यादा समय तक जाम और प्रदर्शन के बाद किसी तरह पुलिस ने महिलाओं को समझाया कि उच्चाधिकारियों से बात कर समाधान निकाला जाएगा। तब जाकर जाम समाप्त हुआ।
चार बजे महिलाओं ने सिगरा के शिवपुरवा स्थित देशी शराब की दूकान पर धावा बोला और उसे बंद कराकर नारेबाजी की। शाम करीब पांच बजे महिलाएं लहरतारा स्थित देशी शराब की दूकान पर पहुंचीं और उसे बंद कराकर पुराना जीटी रोड जाम कर दिया।
पुलिस एक घंटे बाद जाम खुलवाने में सफल हुई। शाम के समय महिलाओं ने लोहता थाना के मुड़ैला और चुरामनपुर की दूकानें बंद कराईं और सेल्समैनों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसी तरह चांदपुर चौराहा स्थित देशी और अंग्रेजी शराब की दूकान भी महिलाओं ने बंद करा दी।
रोहनिया के कादीपुर स्थित शराब की दूकान पर महिलाएं पहुंचीं तो सेल्समैन ने शटर गिरा दिया। महिलाओं ने रॉड से शटर चांड़ कर उसे खोला और सेल्समैन पप्पू यादव की पिटाई कर दर्जनों बोतलें तोड़ दीं। पप्पू ने बताया कि दूकान में घुसे लोग कैश बॉक्स से 18 हजार रुपया और आठ पेटी शराब लूट ले गए।