पुलिस महानिरीक्षक (रूल्स एंड मैनुअल्स) अमिताभ ठाकुर पर नागरिक सुरक्षा में तैनात महिला अधिकारी ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला अधिकारी का आरोप है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर जो चाहते थे वो उनके साथ न कर सके तो उनके इशारे पर मेरा मानसिक उत्पीड़न हुआ और तीन साल से तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है।
मामले को लेकर महिला अधिकारी ने पीएम मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। मांग की है कि उनके मामले की न्यायिक जांच कराई जाए और जो दोषी मिले उसके खिलाफ कार्रवाई हो। इसके साथ ही महिला अधिकारी ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर से खुद और अपने परिवार के लोगों की जान को खतरा बताया है।
महिला अधिकारी ने बताया कि वे वर्ष 2014 में कानपुर में तैनात थीं। इसी दौरान आईपीएस अमिताभ ठाकुर नागरिक सुरक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक थे। वे चाहते थे कि मैं उनके पास जाऊं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कहा कि आपके खिलाफ गुमनाम शिकायतें हैं। हालांकि वे गुमनाम पत्र आज तक मुझे नहीं दिए गए।
इस दौरान कई जांचें मेरे खिलाफ कराई गईं। मेरा तबादला झांसी करा दिया और फिर वाराणसी। महिला अधिकारी का आरोप है कि इस दौरान मेरा प्रमोशन रोका गया। मेरे और पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। फर्जी मामलों में फंसाने और टर्मिनेट करने की धमकी दी गई।
मेरी कॉल टेप की गई और पीछा करने के लिए आदमी लगाए गए। मेरे मामलों की जांच मुझसे जूनियर अधिकारी से करवाई गई। रोजाना मानसिक और तमाम अन्य प्रकार से उत्पीड़न करने से पूरा परिवार परेशान है।
मामले की शिकायत पूर्व डीजीपी जावीद अहमद, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, एससी-एसटी आयोग से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए अब एक बार पीएम, सीएम और गृह मंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।