Varanasi News: प्रयागराज में 1,37,994 के लक्ष्य के मुकाबले 71,000, आजमगढ़ में 1,05,426 के मुकाबले 55,977 और मिर्जापुर में 42,136 के लक्ष्य के विरुद्ध 29,284 महिलाएं लखपति बन सकी हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत चलाई जा रही दस योजनाओं ने वाराणसी की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। यही कारण है कि यहां 75 हजार के लक्ष्य के मुकाबले 60 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यानी इन महिलाओं की आय प्रति वर्ष एक लाख रुपये से अधिक है।
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यह आंकड़ा अन्य मंडलों की तुलना में सबसे अधिक है। जहां वाराणसी में यह प्रतिशत 80 है, वहीं प्रयागराज में 52, आजमगढ़ में 53 और मिर्जापुर में 69 प्रतिशत महिलाएं ही लखपति बन पाई हैं।
एनआरएलएम के तहत महिलाओं के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ग्रामीण अंचलों की वे महिलाएं जो कभी गरीबी से जूझ रही थीं, अब समूह से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ बन गई हैं और प्रति वर्ष 1 से 1.50 लाख रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी को 75,000 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले अब तक 60,000 महिलाएं यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं।
वहीं प्रयागराज में 1,37,994 के लक्ष्य के मुकाबले 71,000, आजमगढ़ में 1,05,426 के मुकाबले 55,977 और मिर्जापुर में 42,136 के लक्ष्य के विरुद्ध 29,284 महिलाएं लखपति बन सकी हैं। एनआरएलएम वाराणसी के अधिकारियों के अनुसार, निगरानी और बेहतर समन्वय के चलते यह संभव हो पाया है।