रामपंथ के गुरुदेव इंद्रेश कुमार ने कहा कि रामपंथ ने राम परिवार भक्ति आंदोलन की शुरुआत कर देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आगाज कर दिया है। भगवान राम भारत खंड के सांस्कृतिक नायक हैं, वे सबके हैं और सब में हैं।
दीक्षा के माध्यम से घर-घर, बस्ती-बस्ती तक राम की भक्ति पहुंचेगी। परिवार बचेगा, संबंध बनेगा और बच्चे संस्कारवान बनेंगे। दीक्षा गुरु महंत बालक दास महाराज ने कहा कि गुरु मंत्र कोई भी ले सकता है। इसमें धर्म जाति का भेद कैसा।
बनेगा 20 से 50 घरों का भक्ति समूह
रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरु ने कहा कि 20 से 50 घरों का भक्ति समूह बनाया जाएगा। पुजारी प्रतिदिन राम परिवार की पूजा कराकर राम अमृत लोगों तक पहुंचाएंगे। संस्कृति के विस्तार और रामभक्ति आंदोलन को जन-जन तक पहुंचने का काम रामपंथी करेंगे।
भावविह्वल हुए दीक्षा लेने वाले
मुसहर, आदिवासी, किन्नर, बांसफोर बस्ती के लोगों को जब पुजारी बनने का अधिकार मिला तो वे भावविह्वल हो गए। जिनको कभी ये लगता था कि भेदभाव और छुआछूत की वजह से उन्हें धर्म से दूर रखा गया उन्हें महादीक्षा देकर सारे मिथक तोड़ दिए गए।