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Varanasi: 501 महिलाएं, दलित, आदिवासी, मुसहर और किन्नर बने पुजारी, 1100 लोगों को दी गई रामपंथ की दीक्षा

Thu, 18 Apr 2024 09:44 AM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Varanasi News: लमही में ही राम संबंध मंदिर बन रहा है जहां हर धर्म के लोग प्रवेश कर सकेंगे। सबको समान धार्मिक अधिकार होगा। भगवान राम के चारों भाइयों और उनकी पत्नियों की पूजा होगी। साथ में हनुमान जी की पूजा करके पूरे विश्व के संबंध को बचाने का अभियान चलाया जाएगा।
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लोगों को रामपंथ की महादीक्षा देते इंद्रेश कुमार और बालकनाथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी से श्रीराम परिवार भक्त आंदोलन की शुरुआत हुई। देश में पहली बार दलित, आदिवासी, मुसहर, किन्नर और महिलाओं को दीक्षा देकर पुजारी बनाया गया। पहले चरण में 501 लोगों को दीक्षा देकर पुजारी बनाया गया। उन्हें हर 20 घर में पूजा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। महिलाओं को जानकीचार्या और पुरुषों को रामाचार्य की पदवी दी गई। साथ ही 1100 लोगों ने दीक्षा लेकर राम परिवार भक्ति आंदोलन को देशभर में ले जाने का संकल्प लिया।

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बुधवार को विशाल भारत संस्थान और रामपंथ की ओर से लमही के सुभाष भवन में रामपंथ का महादीक्षा संस्कार हुआ। महादीक्षा में रामपंथ के गुरु व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, रामपंथ के धर्माध्यक्ष महंत बालक दास और रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरु ने तीन राज्यों और 11 जनपद के लोगों को राम मंत्र देकर दीक्षित किया। 

रामपंथ ने प्रत्येक 20 परिवार पर एक पुजारी की नियुक्ति की ताकि घर-घर में प्रतिदिन भगवान श्रीराम की पूजा हो सके। महिला, दलित पुजारी, किन्नर पुजारी, आदिवासी पुजारी का रामपंथ के भक्तों ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। 
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इसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के अलावा वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, बलरामपुर और सिंगरौली के लोगों को दीक्षा दी गई। इस दौरान डॉ. अर्चना भारतवंशी, डॉ. नजमा परवीन, डॉ. मृदुला जायसवाल, ज्ञान प्रकाश, आभा भारतवंशी मौजूद रहे।

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सांस्कृतिक पुनर्जागरण का है आगाज : इंद्रेश कुमार

रामपंथ के गुरुदेव इंद्रेश कुमार ने कहा कि रामपंथ ने राम परिवार भक्ति आंदोलन की शुरुआत कर देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आगाज कर दिया है। भगवान राम भारत खंड के सांस्कृतिक नायक हैं, वे सबके हैं और सब में हैं।

दीक्षा के माध्यम से घर-घर, बस्ती-बस्ती तक राम की भक्ति पहुंचेगी। परिवार बचेगा, संबंध बनेगा और बच्चे संस्कारवान बनेंगे। दीक्षा गुरु महंत बालक दास महाराज ने कहा कि गुरु मंत्र कोई भी ले सकता है। इसमें धर्म जाति का भेद कैसा।

बनेगा 20 से 50 घरों का भक्ति समूह
रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरु ने कहा कि 20 से 50 घरों का भक्ति समूह बनाया जाएगा। पुजारी प्रतिदिन राम परिवार की पूजा कराकर राम अमृत लोगों तक पहुंचाएंगे। संस्कृति के विस्तार और रामभक्ति आंदोलन को जन-जन तक पहुंचने का काम रामपंथी करेंगे।

भावविह्वल हुए दीक्षा लेने वाले
मुसहर, आदिवासी, किन्नर, बांसफोर बस्ती के लोगों को जब पुजारी बनने का अधिकार मिला तो वे भावविह्वल हो गए। जिनको कभी ये लगता था कि भेदभाव और छुआछूत की वजह से उन्हें धर्म से दूर रखा गया उन्हें महादीक्षा देकर सारे मिथक तोड़ दिए गए।
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