मामले की जांच पुलिस को सौंपी गई। प्राप्त प्रकरणों में भूमि विवाद से संबंधित मामलों की संख्या अधिक रही। महिला उत्पीड़न, नौकरी के नाम पर धनराशि लेने, मकान पर अवैध कब्जा और उपचार संबंधी प्रकरण भी आए। सदस्य, राज्य महिला आयोग की ओर से प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को भेजा गया। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट रवि शंकर सिंह, डीपीओ पंकज कुमार मिश्र, वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रबंधक रश्मि दुबे, पूजा सिंह, अनामिका यादव, शालिनी पांडे रहे।
हर महिला पुलिसकर्मी को होनी चाहिए योजनाओं की जानकारी
चार घंटे चली बैठक में आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने कहा कि महिलाओं को शासन की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का भी लाभ मिलना चाहिए। थाने में बैठने वाली हर महिला पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी होनी चाहिए। ताकि फरियादी महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल सके। महिलाओं से पुलिस नरमी से पेश आए, यह प्राथमिकता में होनी चाहिए।