छह जुलाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी जिला नगरीय विकास अभिकरण चौकाघाट (वाराणसी) की ओर से तीन दिन में मकान बनाने का नोटिस आया था। जिसे लेकर दीपा खिन्न रहती थी। इसी कारण तनाव में आकर रसोई में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली।
सुबह में रमेश उठा तो देखा कि किचन से धुंआ निकल रहा है और जलने की बदबू आ रही है। परिवार के लोगों को सूचित किया। इसके बाद रसोई का दरवाजे का कुंडी तोड़कर खोला गया। दीपा जलकर मर चुकी थी। मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक हर्षमणि तिवारी मामले की जांच में जुट गए।