इसके बाद सुबह करीब पांच बजे अपने चारों बच्चों को कमरे से बाहर निकालकर अपने को आग के हवाले कर दिया। कमरे से धुंआ निकलता देख परिवार के लोग वहां पहुंचे तो देखा कि गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौत हो गई थी।
परिवार के लोगों ने घटना की जानकारी मृतका के मायका वालों को दी। सूचना पर मिलने पर बलिया जिले के रसड़ा थाना के राजमलपुर गांव निवासी मृतका का भाई संजय चौहान पहुंचा। उसने थाना में तहरीर देकर पोस्टमार्टम का अनुरोध दिया।
तहरीर में कहा कि मेरी बहन रितम चौहान ने कमरा बंद कर आग लगा ली, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना में परिवार के किसी सदस्य का कोई दोष नहीं है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बच्चों के सिर से उठा मां का साया
कासिमाबाद। सुबह पांच बजे रितम द्वारा आग लगाकर आत्महत्या करने की घटना के बाद शांत फिजा में परिवार वालों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। जिसे भी घटना की जानकारी हुई, उसके पैर मौके की तरफ बढ़ गए। परिवार के लोगों को रोता देख बच्चे संगीता(12), अंकिता(10), खुशी(6) भी बिलखती रही। जबकि एक वर्षीय बच्ची मां की मौत से अंजान होकर बिलख रहे लोगों को निहारती रही।