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UP News: पांच महीने पहले शादी, आठ दिन से थी लापता..., अब इस हाल में मिली विवाहिता की लाश

Mon, 23 Dec 2024 03:51 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में सोमवार को तालाब में मछली के लिए जाल डालते समय ग्रामीणों ने शव देखा तो सहम उठे। देखते ही देखते शव मिलने की सूचना आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। 
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घटनास्थल पर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिले के जंसा थाना क्षेत्र के परमपुर गांव से बीते 15 दिसंबर से लापता 25 वर्षीय विवाहिता का शव सोमवार की सुबह करधना गांव स्थित एक तालाब में उतराया मिला। विवाहिता के चेहरे पर चोट के निशान थे। तालाब करधना और पंपापुर गांव में होने के कारण मिर्जामुराद और जंसा थाने की पुलिस के बीच सीमा विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। लगभग डेढ़ घंटे बाद मिर्जामुराद थाने की पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवा कर कब्जे में लिया। देर शाम जंसा थाने की पुलिस की मदद से विवाहिता के शव की पहचान हुई।

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यह है पूरा मामला
जंसा थाना क्षेत्र के परमपुर छावनी गांव निवासी मल्लू पटेल की बेटी मोनी पटेल (25) की शादी गत 14 जुलाई को रोहनिया थाने के बैरवन गांव निवासी किशन पटेल के साथ हुई थी। मोनी 13 दिसंबर को मायके आई थी। परिजनों ने बताया कि गत 15 दिसंबर को मोनी घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं आई। काफी खोजबीन के बाद भी मोनी का पता नहीं लगा तो उसी दिन जंसा थाने में उसके लापता होने की रिपोर्ट भाई शंभू ने दर्ज कराई।

करधना गांव स्थित तालाब में महिला का शव मिलने पर पुलिस ने मोनी के मायके वालों को बुलाकर उसकी पहचान कराई। उधर, इस संबंध में जंसा थानाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद सिंह ने बताया कि परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। सिर्फ मौखिक आरोप लगाया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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21 दिसंबर को जाल डाला गया था तो शव नहीं था

करधना के ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बीते 21 दिसंबर को मछली पकड़ने के लिए तालाब में जाल डाला गया था तो किसी का महिला का शव नहीं मिला था। सोमवार की सुबह तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल बिछाया जा रहा था तभी महिला के शव पर नजर पड़ी। चेहरे पर चोट के निशान देख कर ग्रामीणों ने महिला की हत्या की आशंका जताई।

भाई बोला- पति से मिलने गई और फिर पता नहीं लगा
मोनी के भाई शंभू पटेल ने बताया कि उसकी बहन फोन की थी कि शराब पीकर ससुर और पति अकसर उसके साथ मारपीट करते हैं। इसलिए वह 13 दिसंबर को बहन की ससुराल जाकर उसे अपने घर ले आया। 14 दिसंबर की रात मोनी के पति ने फोन किया कि बगैर कुछ कहे ही हमारी पत्नी को क्यों ले गए। इसके बाद उसने मोनी को 15 दिसंबर को मिलने के लिए अकेलवा स्थित एक महाविद्यालय के समीप बुलाया। उसके बाद से उसकी बहन का पता नहीं लगा। शंभू पटेल ने कहा कि हमने जंसा थानाध्यक्ष से मांग की है कि घटना का सच सामने आए। हमारी बहन और हमारे परिवार को न्याय मिले।
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