इसी रास्ते के लिए कविता ने दे दी जान।
- फोटो : संवाद
अधिकारियों ने समझाया, परिजन रास्ते के समाधान पर अड़े
घटना की सूचना पर एसडीएम कुंदन राज सिंह, एसीपी पिंडरा प्रशांत सिंह, नायब तहसीलदार, बड़ागांव थाना प्रभारी और फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रास्ते का विवाद हल होने तक शव हटाने पर सहमत नहीं हुए। इसके बाद एसडीएम और नायब तहसीलदार के निर्देशन में राजस्व टीम ने विवादित जमीन की नापी की। दोनों पक्षों के दस्तावेजों की भी जांच की गई। राजस्व अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान से मृतका के परिजन रास्ते की मांग कर रहे हैं, वह विपक्षी की निजी आराजी में है और इसी स्थान पर निर्माण कराया गया है।
तहसीलदार न्यायालय में लंबित है मामला
एसडीएम कुंदन राज सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद का मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित है। राजस्व अभिलेखों और दोनों पक्षों के दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।