परिजनों और जमशीला ग्राम प्रधान के प्रयास से युवती को सकुशल टाॅवर से उतार लिया गया था। युवती की मां कुसुम देवी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने युवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। शुक्रवार को फिर युवती अनपरा परियोजना के आवासीय परिसर पहुंची।
मौका देखकर शॉपिंग सेंटर के सामने स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। इससे पहले उसने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी भी लगाई। इसमें लिखा था कि तुझे जेल से बाहर निकालने की जिम्मेदारी मेरी, फिर चाहे मुझे अपनी जान क्यों न देना पड़े.... तुझे बचाने के लिए आज चाहे मुझे कुछ भी हो जाए हम सब बर्दाश्त कर लेंगे पर तुझे बचा लेंगे मेरी जान।
युवती के टाॅवर पर चढ़ने की सूचना डायल 112 पुलिस को दी गई। परियोजना के सुरक्षाकर्मियों सहित पुलिस मौके पर पहुंची। युवती से बात करने का काफी प्रयास किया लेकिन वह नीचे नही उतरी। कुछ ही देर में बीना चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी युवती की मां और भाई को लेकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने उसे उतारने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन युवती मानने को तैयार नहीं थी। चौकी प्रभारी ने मोबाइल से बात किया तो वह प्रेमी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रही। अनपरा थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे ने बताया कि युवती को समझा-बुझाकर टॉवर से उतारने का प्रयास किया जा रहा है।
मोबाइल टाॅवर पर सुरक्षा के नहीं कोई इंतजाम
गत दिनों हुई घटना के बाद भी मोबाइल टाॅवर प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया। टाॅवर के पास न तो कोई सुरक्षाकर्मी की तैनाती है और न ही उसे कंटीले तारों से घेरा गया है। सुरक्षा के प्रबंध नहीं होने के कारण ही युवती पूर्व में टाॅवर पर चढ़ी थी और शुक्रवार को भी को दोबारा टाॅवर पर चढ़ गई। इससे पुलिस की परेशानी बढ़ गई।