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Varanasi News: भोजन में बढ़े आर्टिफिशियल केमिकल्स, दवाएं रोग ठीक करेंगी, स्वस्थ नहीं रखेंगी

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बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में शुक्रवार को पांच दिवसीय ‘अभिप्रेरण कार्यक्रम 2026’ का समापन हो गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत शुरू हुए इस कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती भी मनाई गई। दिन के पहले सत्र में डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि हम अपनी जीवनशैली और स्वस्थ आदतों को सुधारकर ही खुद को निरोगी रख सकते हैं। दवाएं सिर्फ रोगों को ठीक कर सकती हैं, मगर वास्तविक स्वस्थ जीवनशैली से आता है। भोजन में आर्टिफिशियल केमिकल्स की मात्रा बढ़ रही है। आहार के आधे हिस्से में ताजे फल और विटामिन युक्त तत्व होने चाहिए, ताकि भोजन सुपाच्य रहे और शरीर स्वस्थ बना रहे।
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समाजशास्त्र विभाग के सह आचार्य डॉ. शरद धर शर्मा ने कहा कि जो चीज हम पहली बार देखते हैं, उसे तुरंत सच मान लेने के बजाय उसकी पुन: जांच करनी चाहिए। उन्होंने समाज को देखने के दो तरीके बताए। पहला जो प्रत्यक्ष दिखता है, और दूसरा जब उस देखी गई वस्तु या घटना का गहराई से समाजशास्त्रीय विश्लेषण किया जाए।


अध्यक्षीय संबोधन में विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की शुरुआत एक पत्रकार के रूप में ही हुई थी और उन्होंने अपनी पत्रिकाओं के माध्यम से समाज को एक नई वैचारिक दिशा दी। डिजिटल मीडिया के इस दौर में भी अखबारों की प्रासंगिकता अक्षुण्ण बनी हुई है। इस कार्यक्रम में लगभग पांच दिनों तक 25 विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे, जो छात्रों के लिए काफी प्रेरणाप्रद था। उन्होंने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। सत्र में पत्रकारिता की प्रथम वर्ष छात्र कृपा दुबे और छात्रा आरती सहित दर्जन भर छात्रों ने अपने सवाल पूछे। आयोजन सचिव प्रो. शोभना नेरलीकर ने पांच दिवसीय आयोजन की सफलता के लिए सभी वक्ताओं, अतिथियों, विभागीय शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में संयोजक डॉ. बाला लखेंद्र, सह संयाेजक डॉ. नेहा पांडेय और 60 से ज्यादा विद्यार्थी मौजूद रहे।
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