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उपलब्धि: एआई से 20.75 फीसदी ट्रैफिक सुधार के साथ नोएडा, लखनऊ और आगरा से भी आगे बनारस; खासियत जान लें

Wed, 29 Jul 2026 03:22 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

एआई तकनीक से वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था बदल गई। बनारस 20.75 फीसदी ट्रैफिक सुधार के साथ नोएडा, लखनऊ और आगरा से भी आगे निकल गया है। 
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AI - फोटो : istock
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विस्तार
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वाराणसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक आने के बाद ट्रैफिक में सुधार हुआ। प्रशासन के डेटा पर नजर डालें तो नोएडा, लखनऊ, आगरा और कानपुर से ज्यादा वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ। गाजियाबाद, प्रयागराज के बाद ट्रैफिक सुधार में वाराणसी प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। आरटीसी परियोजना के तहत विकसित स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म ने ट्रैफिक प्रबंधन को पारंपरिक तरीके से निकालकर डेटा आधारित और सक्रिय व्यवस्था में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मार्च से 15 जुलाई 2026 के बीच वाराणसी कमिश्नरेट में यातायात जाम में 20.75 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
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आरटीसी प्लेटफॉर्म गूगल आधारित रियल टाइम ट्रैफिक डाटा समेत हर दिन हजारों आंकड़ों का विश्लेषण करता है। प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों के औसत यात्रा समय का आधार तैयार किया जाता है। इसके बाद लाइव ट्रैफिक में वाहनों को तय दूरी तय करने में लगने वाले समय की तुलना पुराने आंकड़ों से की जाती है। जैसे ही किसी मार्ग पर यात्रा समय निर्धारित सीमा से अधिक होता है, सिस्टम उसे संभावित जाम वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित कर देता है। 

इस पूरी प्रक्रिया में गति-यूपी एआई फ्लैगिंग सिस्टम अहम भूमिका निभाता है। प्लेटफॉर्म हर दो घंटे में अपडेट होकर ट्रैफिक की स्थिति का आकलन करता है और जाम की आशंका वाले मार्गों की तत्काल पहचान करता है। इसके बाद संबंधित यातायात अधिकारियों को रियल टाइम अलर्ट भेजे जाते हैं, ताकि मौके पर तुरंत यातायात कर्मियों की तैनाती और जरूरी कदम उठाए जा सकें।
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ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में दिखा सुधार, 21 लोकेशन पर लगे है कैमरे
काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, कैंट, लंका और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर रोज बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों की समय रहते पहचान कर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में आरटीसी मददगार साबित हो रहा है। साथ ही एआई समेत स्मार्ट व सेंसर कैमरे शहर के अलग-अलग हिस्सों में 21 लोकेशन पर लगे हैं।

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आंकड़ों के अनुसार
प्रयागराज में ट्रैफिक जाम में 44.92 फीसदी, गाजियाबाद में 43.15 फीसदी, वाराणसी में 20.75 फीसदी, लखनऊ में 13.67 फीसदी, कानपुर में 13.19 फीसदी, आगरा में 10.99 फीसदी और नोएडा में 10.10 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

अधिकारी बोले
वैज्ञानिक रूट मैपिंग, जाम की निगरानी, रूट मार्शल, क्षेत्रवार अधिकारियों की तैनाती, रोजाना डाटा समीक्षा, अतिक्रमण हटाने और सख्त प्रवर्तन को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य केवल चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों का यात्रा समय कम करना। -अंशुमान सिंह, एडीसीपी ट्रैफिक

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