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उम्मीदों को पंख, हौसलों को नया आसमां

Sat, 23 Jan 2016 02:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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अपने मन की बात से करोड़ों लोगों के दिलों तक पहुंचने की महारत रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भावनाओं-संवेदनाओं के जरिए हजारों विकलांगों से रिश्ता जोड़ने में कामयाब रहे। डीरेका मैदान पर अपने 33 मिनट के भाषण में मोदी ने उपस्थित जनसमूह के दिलों को झकझोरने के साथ ही आलोचकों को बेहद अनुशासित अंदाज में जवाब दिया।
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पीएम ने अपने भाषण का आगाज काशी के पूर्व सांसद स्व. शंकर प्रसाद जायसवाल और पूर्व मंत्री हरीश जी को श्रद्धांजलि देकर किया। इसके बाद उन घायलों के प्रति संवेदना जताई जो इसी कार्यक्रम में आते समय सेवापुरी में बस पलटने से घायल हो गए थे।
पीएम ने दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि घ्ाायलांे का बेहतर इलाज होगा। वह भी सरकारी खर्च पर। इशारों में ही बता गए कि बस पलटने की सूचना मिलते ही स्थानीय अधिकारियों को मौके पर भेजने से लेकर उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था करके तब आए थे डीरेका।
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प्रशासनिक अफसरों की तत्परता की सराहना की तो ‘सरकारी व्यवस्था’ के तहत आ रही बस कहकर सरकारी व्यवस्था पर तंज कसने से भी नहीं चूके। प्रधानमंत्री की हाथों मिली छोटी सी मदद से हजारों विकलांगोें को जिंदगी की नई राह मिली। मोदी उनमंे आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का भाव भी जगा गए। सौ से अधिक लोगों को ऐसी ट्राई साइकल दी जिससे वे रोजगार के अवसर भी तलाश सकते हैं। मोदी की इस नई सोशल इंजीनियरिंग का वहां मौजूद हरेक शख्स कायल रहा। पीएम ने अपने क्षेत्र के दिव्यांगों का डीरेका मैदान पर रेड कारपेट वेलकम किया। इसी के साथ ही उन्होंने दुनिया को नई सामाजिक क्रांति का संदेश भी दिया।
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